गोरखपुर
गोरखपुर स्टेशन का टूटने लगा मुख्य द्वार, टिकट लेने की लाइन अब गेट नंबर 6 पर लगेगी
गोरखपुर। गोरखपुर रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार और पुराने फुट ओवरब्रिज (एफओबी) की सीढ़ियां टूटने लगी हैं। स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के तहत जनरल टिकट बुकिंग हाल और प्रतीक्षालय को भी तोड़ा जाएगा। इसके स्थान पर गेट नंबर छह और छह ए के बीच अस्थायी जनरल टिकट बुकिंग हाल बनाया जाएगा, जबकि यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय गेट नंबर छह एक के पश्चिम-उत्तर दिशा में तैयार किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार मार्च तक मुख्य द्वार और आसपास के भवन पूरी तरह हट जाएंगे और इसके बाद अस्थायी टिकट बुकिंग हाल को गेट नंबर छह पर शिफ्ट कर दिया जाएगा।
बताया गया है कि जब तक गोरखपुर जंक्शन का पुनर्विकास कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक जनरल टिकटों की बिक्री अस्थायी बुकिंग हाल से ही की जाएगी। इस अस्थायी बुकिंग हाल में दस टिकट काउंटर संचालित होंगे और यात्रियों की सुविधा के लिए दर्जन भर आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें (एटीवीएम) भी लगाई जाएंगी। बुकिंग हाल और प्रतीक्षालय में बिजली, पंखा सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
अस्थायी निर्माण के लिए गेट नंबर छह के पास करीब 1500 वर्ग मीटर खाली भूमि चिन्हित की गई है। वहीं, यात्रियों की सुविधा को देखते हुए गेट नंबर सात पर भी प्लेटफार्म नंबर एक की ओर कैब वे पर अस्थायी प्रतीक्षालय बनाया जाएगा, जिसके लिए करीब 500 वर्ग मीटर स्थल तय किया गया है।
मुख्य द्वार के पश्चिम कुली विश्रामालय और जीआरपी थाना के पास मल्टी लेवल कार पार्किंग तथा कामर्शियल कांप्लेक्स का निर्माण कार्य चल रहा है। मुख्य द्वार के अंदर प्लेटफार्म नंबर एक पर नए फुट ओवरब्रिज के निर्माण में भी तेजी आई है। प्लेटफार्म नंबर एक पर लगे शेड हटाए जा रहे हैं। इसके साथ ही फर्स्ट क्लास गेट और एस्केलेटर के बीच ‘साउथ-वेस्ट बिल्डिंग’ का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है।
हालांकि, ‘साउथ-वेस्ट बिल्डिंग’ का निर्माण कार्य धीमा पड़ गया है। इस भवन में स्टेशन के अफसर, स्टेशन प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी बैठेंगे और इसी से ट्रेनों का संचालन व मानीटरिंग की जाएगी। उधर, उत्तरी गेट यानी प्लेटफार्म नंबर नौ पर ‘नार्थ ईस्ट बिल्डिंग’ के नाम से नया भवन बनाया जाएगा, जिसमें अधिकारियों के कार्यालय होंगे और इसका कामर्शियल उपयोग भी किया जाएगा।
पुनर्विकास के लिए मैकेनाइज्ड लाउंड्री और यांत्रिक कारखाना की बाउंड्रीवाल के साथ आसपास के छोटे कार्यालयों को भी तोड़ा जाएगा। न्यू वाशिंग पिट के पास नई मैकेनाइज्ड लाउंड्री तैयार की जा रही है। 139 वर्ष बाद गोरखपुर जंक्शन का करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से सिटी सेंटर के रूप में पुनर्विकास किया जा रहा है। निर्माण कार्य मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना की आधारशिला 07 जुलाई, 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रखी थी।
पुनर्विकास पूरा होने के बाद गोरखपुर जंक्शन परिसर में ही बजट होटल, कामर्शियल कांप्लेक्स और रेस्तरां की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यात्री मल्टीप्लेक्स में मूवी का आनंद भी ले सकेंगे। स्टेशन आने वाले लोग कार पार्किंग के साथ खरीददारी भी कर सकेंगे। परिसर में मेट्रो ट्रेन की सुविधा भी मिलेगी और रेलवे व बस स्टेशन को जोड़ने के लिए हैंगिंग ब्रिज बनाया जाएगा। जंक्शन पर दो नए प्लेटफार्म भी बनाए जाएंगे, जो साउथ-वेस्ट बिल्डिंग और प्लेटफार्म नंबर एक के बीच प्लेटफार्म नंबर टू ए के सीध में होंगे। इसके बाद जंक्शन पर कुल 12 प्लेटफार्म हो जाएंगे।
