गाजीपुर
गाजीपुर में फिर बढ़ा गंगा का जलस्तर, प्रशासन अलर्ट
गाजीपुर में बीते एक सप्ताह से गंगा नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट देखने को मिल रही थी, लेकिन सोमवार सुबह अचानक स्थिति बदल गई। अब गंगा का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ने लगा है। सुबह से ही प्रति घंटे 1 सेमी की दर से जलस्तर में इजाफा दर्ज किया गया है। जिला आपदा विशेषज्ञ अशोक राय के अनुसार, यह वृद्धि यमुना नदी के जरिए मध्य प्रदेश से आ रहे पानी की वजह से हो रही है।
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार सुबह 8 बजे गाजीपुर में गंगा का जलस्तर 60.430 मीटर दर्ज किया गया। यह सामान्य जलस्तर 59.906 मीटर से थोड़ा अधिक है, हालांकि चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर से अभी काफी नीचे है। खतरे का स्तर 63.105 मीटर और उच्चतम बाढ़ स्तर 65.220 मीटर निर्धारित है।

2024 में अब तक बाढ़ का उच्चतम जलस्तर 63.670 मीटर तक पहुंच चुका है, जबकि पिछले वर्षों में यह और भी ऊपर गया था। 2022 में जलस्तर 64.390 मीटर और 2021 में 64.680 मीटर तक दर्ज किया गया था। वर्तमान स्थिति अभी चिंताजनक नहीं है, लेकिन लगातार हो रही वृद्धि ने तटवर्ती इलाकों में रह रहे लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक हफ्ते तक राहत मिलने के बाद अब फिर से जलस्तर बढ़ता देख उनका भय लौट आया है। 20 जुलाई को जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया था, जिससे रेवतीपुर क्षेत्र समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी सड़कों और खेतों में भर गया था। सैकड़ों बीघे की फसल जलमग्न हो गई थी।
अब दोबारा जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
