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वाराणसी

एक लाख का इनामी गैंगस्टर अरविंद यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल

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वाराणसी । लगभग पांच महीने से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा गैंगस्टर अरविंद यादव देर रात पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। सारनाथ थाना क्षेत्र के सरायमोहना इलाके में सारनाथ पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त अभियान के तहत उसे घेर लिया। जवाबी कार्रवाई के दौरान पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हत्यारोपी की गिरफ्तारी के लिए एक लाख का इनाम तय किया गया था।

घटना के दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर अरविंद यादव का एक साथी बाइक लेकर मौके से फरार हो गया। संयुक्त ऑपरेशन की सूचना मिलते ही पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुमार और एसीपी विदुष सक्सेना भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस उपायुक्त ने इस सफल कार्रवाई के लिए टीम की सराहना की।

पुलिस को अरविंद यादव और उसके साथी के बारे में पुख्ता सूचना मिलने पर शनिवार रात सरायमोहना क्षेत्र में घेराबंदी की गई थी। इसी दौरान बाइक से दो बदमाश वहां से गुजर रहे थे। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन खुद को घिरा देख अरविंद यादव ने पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा जवाबी फायरिंग किए जाने पर अरविंद यादव घायल होकर गिर पड़ा, जबकि उसका साथी भागने में सफल रहा।

गिरफ्तार बदमाश की पहचान अपराध जगत में फौजी उर्फ कल्लू यादव के नाम से भी की जाती है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि अरविंद यादव के पास से नाइन एमएम के दो पिस्टल, कारतूस और 750 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। उसके खिलाफ पहले से जानलेवा हमला और हत्या जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।

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कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम

बताया गया कि अरविंद यादव की असम में फौजी के रूप में तैनाती की बात भी सामने आई है। इस पूरी कार्रवाई में सारनाथ थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी, एसओजी प्रभारी गौरव सिंह, चौकी इंचार्ज राहुल यादव, सरायमोहना चौकी इंचार्ज अनुज शुक्ला सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

21 अगस्त की सुबह सारनाथ थाना क्षेत्र के सिंहपुर-अरिहंत नगर कॉलोनी में करीब नौ बजे बाइक सवार तीन बदमाशों ने कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाइक चला रहा एक बदमाश आगे था, जबकि पीछे बैठे दो बदमाश लगातार फायरिंग कर रहे थे। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने 28 फोन कॉल्स के आधार पर सुराग जुटाया और सात दिन बाद 27 अगस्त को चार बदमाशों को गिरफ्तार किया था।

जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश गाजीपुर के कॉलोनाइजर जोगेंद्र यादव ने रची थी। उसी ने गाजीपुर के अरविंद यादव, बनारसी यादव और एक अन्य बदमाश विशाल के जरिए वारदात को अंजाम दिलवाया। घटना के समय विशाल बाइक चला रहा था, जबकि अरविंद यादव और बनारसी यादव गोली चला रहे थे। पुलिस के अनुसार बनारसी यादव अभी भी फरार है।

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