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महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान लगी आग, पुजारी समेत एक दर्जन झुलसे
प्रधानमंत्री, गृहमंत्री ने घटना का लिया संज्ञान
मध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकाल मंदिर में सोमवार की सुबह भस्म आरती के दौरान गर्भगृह में आग लग गई। जिसमें पांच पुजारी और 9 श्रद्धालु झुलस गए हैं। 14 घायलों में से कुल 9 लोगों को सुबह इंदौर रेफर किया गया है। घायलों के हालात जानने उज्जैन कमिश्नर संजय गुप्ता जिला अस्पताल पहुंचें। जिलाधिकारी नीरज कुमार सिंह ने कहा कि, मामले में मजिस्टिरियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच टीम में एडीएम अनुक़ल जैन और मृणाल मीना इस मामले की रिपोर्ट सौंपेंगे। जिलाधिकारी ने कहा मंदिर में दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरती के दौरान मंदिर के अंदर गुलाल खेला जा रहा था जिसके कारण आग लगने का अंदेशा है। इसके अलावा गर्भगृह में धुलेंडी के चलते कवर लगाया गया है। वहीं पुजारी और सभी लोगों के शरीर पर भी गुलाल लगा हुआ था। गुलाल से गर्भगृह में लगी चांदी खराब न हो इसलिए इसे प्लास्टिक से कवर किया गया था। आग लगने से प्लास्टिक भी पिघला और पुजारी समेत अन्य श्रद्धालुओं के भी शरीर पर गुलाल लगे होने से सब आग की चपेट में आ गए और देखते ही देखते कई लोग घायल हो गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया और सभी खतरे से बाहर हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने घटना को लेकर संज्ञान लिया है। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया कि, “उज्जैन के महाकाल मंदिर में हुई दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है। हादसे में घायल सभी श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर इंदौर-उज्जैन के लिए रवाना हो गए। सीएम मोहन यादव ने कहा है, “भगवान की कृपा से कोई बड़ी त्रासदी नहीं हुई। एक तरह से यह एक खतरे की घंटी है, हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। मैंने जांच के आदेश दे दिए हैं। घायलों का उचित इलाज किया जाएगा और हमने प्रशासन से कहा है कि, उन सभी को कम से कम 1-1 लाख रुपये देकर मदद की जाए. हम यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे कि ऐसी घटनाएं न हों।”
