Connect with us

वाराणसी

वैश्वीकरण के दौर में जनसंपर्क की असीम संभावनाएं : डॉ. नीलकंठ तिवारी

Published

on

Loading...
Loading...

रिपोर्ट – प्रदीप कुमार

शाश्वत मानवता के लिए नैतिक जनसंपर्क की आवश्यकता : प्रो. आनंद कुमार त्यागी

Loading...

वाराणसी। पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ इंडिया के वाराणसी चैप्टर और महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को जनसंपर्क मार्गदर्शन की कार्यशाला आयोजित हुई।
कार्यशाला में वैश्विक परिप्रेक्ष्य में जनसंपर्क के बदलते आयाम और बढ़ती पेशानुगत संभावनाएं
विषय पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री एवं शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में जनसंपर्क की संभावनाओं के साथ चुनौतियां भी बढ़ी हैं। ऐसे में हमें अपने संप्रेषण के भाव को सरल और उत्कृष्ट रखने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्तमान सरकार और विपक्ष के जनसंपर्क की गतिविधियों को भी गिनाया। कार्यक्रम के अध्यक्ष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि कम से कम समय का उपयोग करके ज्यादा से ज्यादा सूचना देना ही जनसंपर्क की निशानी हैं। जनसंपर्क से हम अपनी विश्वसनीयता कायम रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज हमारे पास संचार के तमाम साधन उपलब्ध हैं, लेकिन हम उनका उपयोग सही तरीके से नहीं कर पा रहे हैं। मानवता को यदि शाश्वत रखना है तो जनसंपर्क को अधिक से अधिक नैतिक बनाना होगा।
आज इंटरनेट के दौर में लगभग 70 फीसदी सूचनाएं गलत हैं, हमें उन्हें पहचानने की जरूरत है। इस दौरान संस्थान के पूर्व छात्र और जनसंपर्क के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ इंडिया वाराणसी चैप्टर के वाइस चेयरमैन डॉ. अंकुर चड्ढा, बीएचयू के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजेश कुमार सिंह, हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज के डॉ. रवीश कुमार और आज अखबार के डॉ. जिनेश कुमार को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण संस्थान के निदेशक प्रो. अनुराग कुमार ने दिया। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण और औपनिवेशिकरण के दौर में पेशानुगत संभावनाओं का बहुत मौका है, इसे पारंपरिक और तकनीकी माध्यम से विकसित किया जा सकता है। बीज वक्तव्य देते हुए पीआरएसआई के चेयरमैन अनिल कुमार जाजोदिया ने कहा कि जनसंपर्क को उत्कृष्ट बनाना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है। हम नालंदा प्रोग्राम भी चलाते हैं, जिससे नई पीढ़ी को जनसंपर्क से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि व्यक्ति जन्म से ही जनसंपर्क से जुड़ जाता है।
जनसंपर्क के माध्यम से व्यक्ति में विकास के नए आयाम जोड़े जा सकते हैं।
इस अवसर पर प्रमुख वक्ता स्मार्ट सिटी के जनसंपर्क अधिकारी शाकम्बरी नंदन सोंथालिया ने कहा कि चुनौतियां हमें बेहतर बनाती हैं और हर चुनौती हमें रोज कुछ नया सिखाती है। बदलते दौर में जनसंपर्क के क्षेत्र में रोज नई संभावनाएं बढ़ रही है।
विशिष्ट वक्ता बाबतपुर एयरपोर्ट के जनसंपर्क अधिकारी रंजीत वर्मा ने कहा कि तकनीक हमें बेहतर बनाती है और उसका लाभ उठाकर हम अपने कार्य को प्रभावी बना सकते हैं। इस कालखंड में सोशल मीडिया का सही प्रबंधन भी हमको लोगों से जोड़ने में मददगार होता है।
कार्यक्रम के उत्तरार्ध में विशेषज्ञों द्वारा छात्र छात्राओं के प्रश्नों के उत्तर देकर जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किये गए। कार्यक्रम का संचालन अनमोल और अंकिता ने किया। धन्यवाद ज्ञापन पीआरएसआइ के सचिव प्रदीप उपाध्याय ने किया।
कार्यक्रम में पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ इंडिया के नेशनल चैप्टर के चेयरमैन नरेंद्र मेहता, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर नवरत्न सिंह और कार्यक्रम के संयोजक डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह, डॉ. दयानंद, डॉ. जयप्रकाश, डॉ. देवाशीष, शैलेश चौरसिया, मो. जावेद, अश्वनी, देवेंद्र, आशुतोष, सौम्या, अनीषा, विवेकानंद, आशुतोष तिवारी समेत संस्थान के अन्य छात्र, छात्राएं मौजूद रहें।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page