गोरखपुर
शिक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी की प्रथम पुण्यतिथि पर नम हुईं आंखें, भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित
गोरखपुर। क्षेत्र के सम्मानित शिक्षक रहे स्वर्गीय श्री प्रकाश त्रिपाठी की प्रथम पुण्यतिथि पर गहना स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परिवारजनों, शुभचिंतकों, शिक्षकों एवं स्थानीय लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नम आंखों से उन्हें याद किया और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
स्वर्गीय प्रकाश त्रिपाठी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झुड़िया में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत रहे और अपने सरल, सादगीपूर्ण तथा कर्तव्यनिष्ठ व्यक्तित्व के कारण समाज में विशेष सम्मान के पात्र थे। शिक्षा के प्रति उनका समर्पण और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनका निरंतर प्रयास उन्हें एक आदर्श शिक्षक के रूप में स्थापित करता है।
इस अवसर पर व्यवसायी एवं समाजसेवी अरविन्द त्रिपाठी ने अपने बड़े भाई को स्मरण करते हुए भावुक स्वर में कहा कि बड़े भैया में एक सच्चे शिक्षक के सभी गुण विद्यमान थे। वे हमेशा ईमानदारी, परिश्रम और कर्तव्य को ही जीवन का सबसे बड़ा धर्म मानते थे। उनका स्वभाव अत्यंत विनम्र और मिलनसार था, जिससे हर व्यक्ति उनसे प्रभावित रहता था।
अरविन्द त्रिपाठी ने कहा कि बड़े भैया का विद्यार्थियों से विशेष स्नेह था। वे बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तक की शिक्षा ही नहीं देते थे, बल्कि उन्हें संस्कार, अनुशासन और जीवन के सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देते थे। उनके मार्गदर्शन से अनेक छात्र आज समाज में अपने-अपने क्षेत्र में सफल होकर उनका नाम रोशन कर रहे हैं।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि स्वर्गीय प्रकाश त्रिपाठी का जीवन शिक्षा, सादगी और सेवा का प्रतीक था। उनका व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेगा और उनकी स्मृतियां सदैव लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी। कार्यक्रम के अंत में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
