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वाराणसी

काशी में लैंड पुलिंग योजना को मंजूरी, किसानों को मिलेगा 30% विकसित भूखंड

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वाराणसी। लखनऊ में आइटी सिटी और वेलनेस सिटी में लागू लैंड पुलिंग योजना के सफल रहने के बाद अब इसे वाराणसी में भी लागू करने के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। लखनऊ में किसानों की जमीन को विकसित करने के बाद उन्हें 25 प्रतिशत जमीन वापस लौटाई गई थी, जबकि काशी में किसानों को इससे पांच प्रतिशत अधिक यानी 30 प्रतिशत विकसित भूमि लौटाई जाएगी।

लैंड पुलिंग योजना के तहत वाराणसी विकास प्राधिकरण पक्की सड़क, सीवर, पानी, बिजली और पार्क जैसी सुविधाएं विकसित करेगा। मढ़नी नई टाउनशिप योजना के लिए शासन की ओर से 200 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। इससे पहले काशी स्पोर्ट्स सिटी के लिए भी 200 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। दोनों योजनाएं मुख्यमंत्री की पहल पर लाई गई हैं। इसके अलावा कल्लीपुर टाउनशिप परियोजना भी प्रस्तावित है। वहीं, वीडीए उपाध्यक्ष को लैंड पुलिंग योजना के अंतर्गत लैंड यूज बदलने का विशेष अधिकार दिया गया है।

किसानों की जमीन को प्राइवेट डेवलपर्स से बचाने, उनके साथ होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने और उन्हें जमीन की बेहतर कीमत दिलाने के उद्देश्य से शासन ने लैंड पुलिंग योजना को प्राथमिकता पर रखा है। हालांकि शुरुआत में किसान अपनी जमीन देने को तैयार नहीं थे। किसानों का कहना था कि जमीन विकसित करने के बाद केवल 25 प्रतिशत भूमि लौटाना कम है। किसानों से बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया कि पांच प्रतिशत और बढ़ाकर पूरी जमीन का 30 प्रतिशत हिस्सा लौटाया जाएगा, ताकि किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।

लैंड पुलिंग योजना के तहत 30 प्रतिशत विकसित भूमि मॉडल में किसान अपनी जमीन विकास प्राधिकरण को देगा और प्राधिकरण सुनियोजित तरीके से पूरी जमीन का विकास करेगा। इसमें किसी प्रकार का विकास शुल्क या अलग खर्च नहीं लिया जाएगा और सीधा लाभ किसान को मिलेगा। वहीं 50 प्रतिशत विकसित भूमि मॉडल में भूमि का आंशिक विकास कर किसान या भू-स्वामी को 50 प्रतिशत विकसित भूमि दी जाएगी। यह विकल्प विशेष रूप से 10 एकड़ या उससे अधिक भूमि वाले किसानों के लिए रखा गया है।

यदि कोई किसान लैंड पुलिंग योजना में शामिल नहीं होना चाहता तो उसे मजबूर नहीं किया जाएगा। ऐसे किसान अपनी भूमि सीधे वाराणसी विकास प्राधिकरण को बेच भी सकते हैं, जिसमें भूमि का मूल्यांकन सर्किल रेट से चार गुना के आधार पर किया जाएगा। इस संबंध में वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने कहा कि यह दर सामान्य बाजार की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद है।

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