गोरखपुर
राप्ती इको पार्क बनेगा गोरखपुर का नया पर्यटन आकर्षण
गोरखपुर। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले राप्ती इको पार्क को नई ऊर्जा और भव्य रूप देने की तैयारियां तेज हो गई हैं। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने रविवार को एकला बंधे पर बन रहे राप्ती इको पार्क का अचानक स्थलीय निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को सख्त और व्यापक निर्देश जारी किए। अब यह पार्क न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बनेगा, बल्कि परिवारों और बच्चों के लिए मनोरंजन का प्रमुख केंद्र भी बन जाएगा।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि पार्क को विश्वस्तरीय बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने डिवाइडर पर मजबूत रेलिंग और ट्रिगार्ड लगाकर छायादार वृक्ष लगाने के निर्देश दिए। इससे क्षेत्र की सौंदर्यता तो बढ़ेगी ही, साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। बंधे पर झंडे लगाने का कार्य तेज गति से पूरा करने और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार को दो वर्षों तक सौंपी जाएगी।
सोगरवाल ने अधिशासी अभियंता अशोक भाटी को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि एकला बंधे पर “बिफोर और आफ्टर” फोटोग्राफ्स तथा फ्लेक्स लगाए जाएं, ताकि आमजन को विकास कार्यों की स्पष्ट जानकारी मिल सके। सबसे आकर्षक पहल के रूप में राप्ती इको पार्क में आर्टिफिशियल तालाब विकसित करने और उसमें बच्चों के लिए बोटिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए गए। इसके अलावा पार्क में झूले, विभिन्न मनोरंजन गतिविधियों के उपकरण, लॉन, व्यापक वृक्षारोपण, “वेस्ट टू वंडर” थीम पर सजावट और मार्बल की आकर्षक मूर्तियां स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
नगर आयुक्त ने एकला बंधे की सड़क पर यातायात संबंधी सभी प्रकार के साइनेज लगाने तथा पार्क के प्रवेश द्वार को भव्य बनाने के निर्देश दिए। एंट्री गेट के सामने बड़े आकार के दो मार्बल शेरों की मूर्तियां लगाई जाएंगी, जो स्थल की शोभा और भव्यता कई गुना बढ़ा देंगी।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम की इस पहल पर खुशी जताई है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “पार्क बनने से हमारे इलाके में घूमने-फिरने का बेहतरीन स्थान मिल जाएगा। बच्चों के खेलने और परिवारों के साथ समय बिताने का आकर्षक केंद्र बनेगा। शहर की सुंदरता भी बढ़ेगी।”
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि राप्ती इको पार्क को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा ताकि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले इसे जनता के लिए खोल दिया जाए। यह पार्क न केवल गोरखपुर की छवि को निखारेगा, बल्कि पर्यटन और पर्यावरण दोनों को बढ़ावा देगा।
