वाराणसी
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गोरक्षा संरक्षण को लेकर उठाया अहम कदम
वाराणसी। गोरक्षा को धर्मयुद्ध बताते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सोमवार को वाराणसी स्थित श्री विद्यामठ में एक विशेष पहल की। उन्होंने मठ की दीवार पर गोरक्षा के समर्थन और विरोध में खड़े लोगों के नाम व तस्वीरें चस्पा कराईं। इसका उद्देश्य गोरक्षा आंदोलन में पक्ष और विपक्ष को स्पष्ट रूप से सामने लाना बताया गया है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि इस पहल से समाज को यह समझने में आसानी होगी कि कौन लोग सनातन धर्म के अनुसार गोमाता की रक्षा के पक्ष में हैं और कौन इसके विरोध में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ऐसे लोगों की पहचान की जाए जो सनातन धर्म का नाम तो लेते हैं, लेकिन गोरक्षा के लिए आगे नहीं आते।
उन्होंने बताया कि इस अभियान में उन व्यक्तियों को भी स्थान दिया गया है जो गाय और सत्य के साथ खड़े हैं, जबकि विपक्ष में उन लोगों को दर्शाया गया है जो सत्ता और मुख्यमंत्री के साथ खड़े माने जाते हैं। उनके अनुसार यह कार्य केवल गोरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सनातन धर्म की रक्षा के उद्देश्य से भी किया जा रहा है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गोरक्षा का यह संघर्ष सिर्फ धार्मिक विषय नहीं, बल्कि समाज से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसके लिए जरूरी है कि गोरक्षा के समर्थन में खड़े लोगों को पहचाना जाए, ताकि समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि मानवता के प्रति एक जिम्मेदारी है। उन्होंने समाज से अपील की कि सभी लोग एकजुट होकर इस आंदोलन में सहभागी बनें और गोमाता की रक्षा के लिए आगे आएं।
