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वाराणसी

शंकराचार्य को धमकी मामले में प्रशासन पर लापरवाही का आरोप, सख्त कार्रवाई की मांग

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वाराणसी। शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्या मठ में आयोजित उच्चस्तरीय आपात बैठक में ज्योतिषपीठ के पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को फोन पर मिली जान से मारने की धमकी और उसके बाद वाराणसी प्रशासन, विशेषकर भेलूपुर थाना पुलिस की कार्यशैली को लेकर तीखा असंतोष व्यक्त किया गया। बैठक में उपस्थित संतों, विद्वानों और विधि विशेषज्ञों ने प्रशासन की संवेदनहीनता तथा संदिग्ध भूमिका पर गंभीर प्रश्न उठाए।

बैठक की शुरुआत अधिवक्ता रमेश उपाध्याय ने की। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से धमकी मिलने के बावजूद पुलिस द्वारा आईटी एक्ट की धाराओं को शामिल न किया जाना न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि कानूनी तथ्यों को दबाने का प्रयास भी प्रतीत होता है। इस दौरान प्रशासन की कार्यशैली पर तीखा प्रहार करते हुए इसे अत्यंत चिंताजनक बताया गया।

विज्ञप्ति के माध्यम से प्रशासन से कई अहम सवाल भी किए गए। संज्ञेय अपराध की सूचना के बाद एफआईआर दर्ज करने में 48 घंटे की देरी पर सवाल उठाते हुए पूछा गया कि क्या यह समय आरोपी को फरार होने का अवसर देने के लिए दिया गया। साथ ही यह भी आशंका जताई गई कि कहीं प्रभावशाली आरोपियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जानबूझकर कमजोर धाराएं तो नहीं लगाई गईं। आरोपी के अब तक गिरफ्त से बाहर रहने को पुलिस की कार्यकुशलता पर गंभीर सवाल बताते हुए इसे विभाग के लिए कलंक कहा गया।

वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीकांत त्रिपाठी की अध्यक्षता में बैठक में शासन-प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखी गईं। इनमें मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर में कठोर धाराएं जोड़ने, आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा भेलूपुर थाने के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग प्रमुख रही।

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सभा में उपस्थित सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि शंकराचार्य जी करोड़ों सनातनी हिंदुओं की आस्था के केंद्र हैं और उनके प्रति इस प्रकार की प्रशासनिक उपेक्षा पूरे समाज का अपमान है। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक स्तर पर लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

बैठक में साध्वी पूर्णाम्बा, साध्वी शारदाम्बा, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, प्रभु नारायण, विनोद शुक्ल, कमलेश यादव, अनिल यादव, अभय शंकर तिवारी, एस.के. द्विवेदी, अनिल पाठक, गिरीश तिवारी, यतींद्र चतुर्वेदी, सावित्री देवी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिन्होंने घटना की निंदा की।

इस संबंध में जानकारी देते हुए शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने केंद्र सरकार से मांग की कि सनातन समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए शंकराचार्य जी को तत्काल जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि जब विभिन्न संस्थाओं के प्रमुखों को सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सकती है, तो करोड़ों सनातनियों की आस्था के केंद्र को सुरक्षा देने में विलंब क्यों किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि किसी अनहोनी की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी।

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