गाजीपुर
मनोज सिन्हा गाजीपुर के कोहिनूर हीरा हैं : प्रमोद वर्मा
जखनिया (गाजीपुर) जयदेश। सोशल मीडिया पर सांसद अफजाल अंसारी द्वारा पूर्व सांसद व जम्मू–कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के विकास कार्यों पर लगातार सवाल उठाए जाने और तुलना करने पर भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष प्रमोद वर्मा ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अफजाल अंसारी द्वारा मनोज सिन्हा के कार्यों को नकारना न केवल गलत है, बल्कि तथ्यहीन भी है।
प्रमोद वर्मा ने कहा कि अफजाल अंसारी के परिवार में जितने भी लोग सांसद और विधायक रहे—चाहे मुख्तार अंसारी हों, सिगब्तुल्लाह अंसारी, मन्नू अंसारी, अब्बास अंसारी या स्वयं अफजाल अंसारी इन सभी ने मिलकर जितना कार्य किया है, वह मनोज सिन्हा द्वारा किए गए विकास कार्यों के सामने ऊँट के मुँह में जीरा के समान है।
उन्होंने कहा कि मनोज सिन्हा ने 2014 से 2019 तक सांसद व रेल राज्य मंत्री रहते हुए गाजीपुर जनपद में अभूतपूर्व विकास किया। आज़ादी से लेकर 2014 तक जितना विकास नहीं हुआ, उससे कहीं अधिक विकास उनके कार्यकाल में हुआ। गाजीपुर को फोरलेन से जोड़ना, गाजीपुर स्टेशन से विभिन्न शहरों के लिए ट्रेनों का संचालन, स्टेशन का सुंदरीकरण, क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान, मेडिकल कॉलेज की नींव, हर गाँव तक बिजली पहुँचाना—ये सभी ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हैं।

प्रमोद वर्मा ने आगे कहा कि वर्तमान में जखनिया में बन रहा 124D नेशनल हाईवे, जनपद के स्टेशनों का नवीनीकरण, विद्युतीकरण और सुंदरीकरण, साथ ही ताड़ीघाट–गाजीपुर रेलवे ब्रिज का निर्माण जो गाजीपुर का 50 वर्षों पुराना सपना था इन सभी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को मनोज सिन्हा ने साकार किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मनोज सिन्हा ने जनपद में जितने शौचालय बनवाए, उतनी विकास निधि भी सांसद अफजाल अंसारी ने अपने कार्यकाल में खर्च नहीं की। प्रमोद वर्मा ने कहा कि दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले सांसद अफजाल अंसारी को अपने द्वारा किए गए विकास कार्यों का विवरण सार्वजनिक करना चाहिए।
अंत में प्रमोद वर्मा ने कहा कि मनोज सिन्हा गाजीपुर के कोहिनूर हीरा हैं। वे जहाँ भी रहते हैं, विकास की अमिट छाप छोड़ते हैं। आज जम्मू–कश्मीर के बदलते स्वरूप को देखकर यह स्पष्ट हो जाता है कि मनोज सिन्हा किस स्तर के जनप्रतिनिधि हैं। वे सूर्य के समान चमकते हुए, बेदाग और कर्मठ नेता हैं, जिन्होंने अपनी पहचान अपने कार्यों के बल पर बनाई है।
