Connect with us

वाराणसी

सर सुंदरलाल अस्पताल परिसर में भीषण आग से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, अ.भा.वि.प ने प्रशासन को घेरा

Published

on

Loading...
Loading...

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS) के सर सुंदरलाल अस्पताल परिसर में स्थित गोदाम में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी भीषण आग की घटना ने संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि भविष्य में संभावित बड़े हादसों की चेतावनी भी देती है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), बीएचयू इकाई द्वारा चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक को सौंपे गए ज्ञापन में इस घटना को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए कहा गया कि आग लगने से लाखों रुपये की सामग्री जलकर नष्ट हो गई। गोदाम में गैस सिलेंडर एवं अन्य ज्वलनशील पदार्थों की उपस्थिति के कारण स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। सौभाग्यवश, पास में संचालित कक्षाओं से छात्रों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

बीएचयू इकाई के उपाध्यक्ष विश्वास त्रिपाठी ने कहा कि, “यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी परिसर में इस प्रकार की आगजनी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनकी जांच के लिए समितियों का गठन किया गया था, किंतु उनकी रिपोर्ट एवं सिफारिशों को सार्वजनिक नहीं किया गया और न ही उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। यह प्रशासन की घोर उदासीनता को दर्शाता है।”

अभाविप ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर लापरवाही का परिणाम बताते हुए प्रशासन से तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाने की मांग की है। परिषद ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में इससे भी अधिक गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं, जिनकी जिम्मेदारी पूर्णतः प्रशासन की होगी।

बीएचयू इकाई के सह मंत्री राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि, “छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। प्रशासन को अविलंब जांच समिति गठित कर दोषियों की पहचान करते हुए कठोरतम कार्रवाई करनी चाहिए।”

Advertisement

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रमुख मांगें:

1.इस घटना की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच हेतु उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए।

2.पूर्व में हुई आगजनी की घटनाओं की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

3.पूरे आईएमएस परिसर में तत्काल प्रभाव से व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए।

4.ज्वलनशील पदार्थों के सुरक्षित भंडारण हेतु स्पष्ट एवं सख्त मानक निर्धारित किए जाएं।

Advertisement

5.प्रत्येक भवन में फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम एवं आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

6.लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई की जाए।

7.परिसर में स्थायी एवं प्रभावी सुरक्षा निगरानी तंत्र विकसित किया जाए।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page