Connect with us

वाराणसी

सपा नेता को थैलियम जहर देने का आरोप, पत्नी की तहरीर पर केस दर्ज

Published

on

Loading...
Loading...

मुंबई अस्पताल में जहर की पुष्टि, सपा नेता की हालत बिगड़ने से खुला मामला

वाराणसी। समाजवादी पार्टी के नेता संदीप सिंह स्वर्णकार को कथित तौर पर थैलियम जहर देकर मारने की कोशिश का मामला सामने आया है। 41 वर्षीय संदीप सिंह समाजवादी छात्र सभा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं और उनकी पहचान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी नेताओं में होती है।

इस संबंध में उनकी पत्नी खुशबू सिंह ने बीते बुधवार रात कोतवाली थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनके पति को सुनियोजित तरीके से जहर दिया गया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के अनुसार, फरवरी 2025 में एक रिश्तेदार की तबीयत खराब होने पर संदीप सिंह दो बार गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल गए थे। इसी दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और उन्हें वहीं भर्ती कराना पड़ा। हालत में सुधार न होने पर बाद में उन्हें मुंबई के पीडी हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच के बाद उनके शरीर में जहर की पुष्टि हुई।

Advertisement

खुशबू सिंह ने बताया कि उनके पति समाजवादी पार्टी के सक्रिय सदस्य होने के साथ-साथ एसएसएस इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड और शिव इंटरप्राइजेज नामक दो ट्रांसपोर्ट कंपनियों का संचालन करते हैं, जो सड़क निर्माण सामग्री की ढुलाई का कार्य करती हैं। इसी से परिवार का भरण-पोषण होता है। उन्होंने कहा कि काम के सिलसिले में संदीप सिंह अक्सर बाहर रहते हैं और बाहर ही भोजन करते हैं।

तहरीर में उल्लेख है कि 4 फरवरी 2025 को संदीप सिंह अपने परिचित शिवप्रसाद के बीमार होने पर उन्हें मेदांता अस्पताल, गुड़गांव लेकर गए थे। इस दौरान उनके साथ अंकित रस्तोगी, प्रवीण उर्फ बच्चा यादव, किशन दीक्षित और राजेश भी मौजूद थे। संदीप सिंह 4 से 11 फरवरी तक वहीं रहे और 12 फरवरी को अपने साले सचिन वर्मा के विवाह में शामिल होने के लिए घर लौटे। इसके बाद 22 फरवरी को वह पुनः मेदांता अस्पताल गए।

बताया गया कि 26 फरवरी को उनकी तबीयत फिर खराब हो गई, जिसके बाद 2 मार्च को उन्हें मेदांता में भर्ती कराया गया। इस दौरान उन्होंने परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी और केवल अपनी बेटी स्वप्निल को बताया। 3 मार्च को उनके छोटे भाई अस्पताल पहुंचे और 7 मार्च को खुशबू सिंह भी वहां पहुंचीं।

मेदांता में सुधार न होने पर संदीप सिंह को दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 8 मार्च से 22 मार्च तक उनका इलाज चला। चिकित्सकों ने उन्हें गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) से पीड़ित बताया। 22 मार्च की रात हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया और 23 मार्च को वेंटिलेटर पर रखा गया।

Advertisement

स्थिति में अपेक्षित सुधार न होने पर 27 मार्च को उन्हें एयर एंबुलेंस से मुंबई के पीडी हिंदुजा अस्पताल, माहिम ले जाया गया, जहां चिकित्सकीय जांच में उनके शरीर में थैलियम जहर की पुष्टि हुई।

इलाज के बाद संदीप सिंह घर लौट आए हैं और वर्तमान में लखनऊ स्थित आवास पर चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। इस पूरे मामले में खुशबू सिंह की तहरीर पर कोतवाली थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह ने बीएनएस की धारा 109(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

बता दें कि थैलियम बेहद खतरनाक भारी धातु, साइलेंट किलर के रूप में पहचाना जाता है। थैलियम एक अत्यंत विषैला तत्व है, जिसे रासायनिक रूप से भारी धातुओं की श्रेणी में रखा जाता है। यह जहर की श्रेणी में सिस्टमिक टॉक्सिन के रूप में जाना जाता है, जो मानव शरीर के विभिन्न अंगों पर एक साथ असर डालता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, थैलियम को “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि यह रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन होता है, जिससे इसकी पहचान करना कठिन हो जाता है। इसका प्रभाव शरीर में धीरे-धीरे दिखाई देता है और प्रारंभिक लक्षण सामान्य बीमारियों जैसे प्रतीत होते हैं। थैलियम का प्रभाव मुख्य रूप से नर्वस सिस्टम, हृदय और किडनी पर पड़ता है। इसके संपर्क में आने पर व्यक्ति को बाल झड़ने, नसों में दर्द, कमजोरी, उल्टी और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर स्थिति में यह नर्वस सिस्टम को पूरी तरह प्रभावित कर सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।चिकित्सकीय दृष्टि से थैलियम को अत्यंत खतरनाक जहर माना जाता है, जो पूरे शरीर पर व्यापक प्रभाव डालता है और समय रहते उपचार न मिलने पर मृत्यु का कारण बन सकता है।

Advertisement

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page