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गाजीपुर

रामपुर गौशाला की बदहाल व्यवस्था, सैदपुर खंड विकास अधिकारी पर लापरवाही का आरोप

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गाजीपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी गोवंश संरक्षण योजना सैदपुर तहसील के गांव रामपुर में लचर व्यवस्था के कारण पूरी तरह पटरी से उतरती दिखाई दे रही है। हरे चारे की आपूर्ति, भूसे की व्यवस्था और समय-समय पर गोवंश की चिकित्सीय जांच जैसे बुनियादी दायित्वों का निर्वहन न होने से गौशाला की स्थिति लगातार चिंताजनक बनती जा रही है।

गोवंश की देखभाल की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) सैदपुर पर है, परंतु धन के अभाव और प्रशासनिक उदासीनता के कारण पशुओं की सुरक्षा व रखरखाव में गंभीर बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। गौशाला की देखरेख कर रहे संग्राम सिंह ने जयदेश समाचार को बताया कि, “हमने बीडीओ सैदपुर से कई बार चारे और रख-रखाव की समस्या को लेकर निवेदन किया, लेकिन वह इस काम को कोई महत्व नहीं देते।”

ग्राम प्रधान अमित रघुवंशी ने भी बीडीओ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गोवंश की समस्याओं से बार-बार अवगत कराने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि, “खंड विकास अधिकारी धर्मेंद्र यादव की कार्यशैली गोवंश के हित में नहीं है। ठंड में पशु लगातार मर रहे हैं, लेकिन अधिकारी गंभीर नहीं हैं।”

अधिकारियों की चुप्पी और निरीक्षण में असफलता
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सैदपुर के बीडीओ न तो भौतिक सत्यापन के लिए गौशाला पहुंचे और न ही गोवंश की मौत के मामलों पर संवेदनशीलता दिखाई। जिलाधिकारी से लेकर उप जिलाधिकारी तक किसी भी स्तर पर सैदपुर ब्लॉक के प्रति अपेक्षित कार्रवाई या कारण बताओ नोटिस जारी करने में सक्रियता नहीं दिखाई दी।

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सूत्रों के अनुसार, पिछले दो महीनों में लगभग 20 गोवंश की मौत हो चुकी है। नेशनल हाईवे–31 पर भी कई पशु मरते रहे, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कार्यालयों में बैठे रहे। यह स्थिति अधिकारियों की उदासीनता और प्रशासनिक लापरवाही की ओर स्पष्ट संकेत करती है।

जंगली जानवरों का हमला, सुरक्षा व्यवस्था शून्य
गांव रामपुर की गौशाला में रात के समय सियार और अन्य जंगली जानवरों के हमले से पशु घायल हो रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था न के बराबर होने से असहाय पशुओं की जान बचाना मुश्किल हो रहा है।

सैदपुर ब्लॉक सबसे पिछड़े पायदान पर
गाजीपुर जिले के 16 ब्लॉकों में से पशु संरक्षण और रखरखाव की दृष्टि से सैदपुर ब्लॉक सबसे आखिरी स्थान पर बताया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि बीडीओ की संवेदनहीनता और पूर्वाग्रहपूर्ण कार्यशैली के कारण सरकारी योजनाएँ धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं।

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मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश भी बेअसर?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोवंश संरक्षण के लिए बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर उनका पालन नहीं हो रहा। जिले के प्रशासनिक अधिकारी इस मुद्दे पर अब तक ठोस कदम नहीं उठा पाए हैं।

स्थानीय जनता की मांग है कि जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी सैदपुर की गौशाला का तत्काल निरीक्षण करें और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि गोवंश की मौतों पर रोक लग सके और व्यवस्था सुधारी जा सके।

रामपुर गांव में गोवंश की लगातार हो रही मौतें प्रशासनिक अक्षमता और उपेक्षा का गंभीर उदाहरण बन चुकी हैं, और अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मुद्दे पर कौन सा ठोस कदम उठाता है।

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