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बस्ती में मतदाता सूची सत्यापन में छह लाख से अधिक मिले डुप्लीकेट नाम
बस्ती। विधानसभा और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की मतदाता सूचियों के घर-घर सर्वे और सत्यापन के बाद सामने आए आंकड़ों ने प्रशासन को चौंका दिया है। नगर पालिका परिषद और नौ नगर पंचायतों को छोड़कर बस्ती जिले की 1187 ग्राम पंचायतों में कुल 19,58,332 मतदाता दर्ज हैं, जिनमें 6,52,188 नाम डुप्लीकेट पाए गए हैं। इस स्थिति पर निर्वाचन आयोग की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में चिंता जताई गई। संकेत दिए गए हैं कि यदि अंतर अधिक बना रहा तो अगला त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव विधानसभा की मतदाता सूची के आधार पर भी कराया जा सकता है।
वर्तमान विधानसभा मतदाता सूची में 16,02,143 मतदाता दर्ज हैं। पिछले चुनाव में जिले के नगर पालिका परिषद और नौ नगर पंचायतों में मतदाताओं की संख्या 2,89,220 रही थी। जब त्रिस्तरीय पंचायत सूची के मतदाताओं को जोड़ा गया तो कुल संख्या 22,47,542 तक पहुंच गई। विधानसभा सूची से मिलान के बाद मतदाताओं की संख्या में 6,45,399 का अंतर सामने आया है। माना जा रहा है कि इनमें वे मतदाता शामिल हैं जिनके नाम दो जगह दर्ज हैं, कुछ मृतक हैं और कुछ प्रदेश से बाहर निवास करते हैं। जो मतदाता किसी अन्य ग्राम पंचायत में भी दर्ज हैं, उनकी पहचान का काम शुरू कर दिया गया है।

प्रारंभिक जांच में यह आशंका भी जताई गई है कि लगभग साढ़े तीन लाख फर्जी मतदाता अभी भी पंचायत चुनाव की सूची में बने हुए हैं। कई ग्राम पंचायतों में एक ही व्यक्ति के नाम दो या उससे अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए हैं, जबकि कुछ मतदाताओं के नाम पड़ोसी जिलों के गांवों की सूचियों में भी हैं। निर्वाचन विभाग ने ऐसे मामलों को चिह्नित कर लिया है।
इन गड़बड़ियों की छंटनी के लिए बीएलओ को नए सिरे से काम करने के निर्देश दिए गए हैं और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची विधानसभा की तर्ज पर तैयार की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने पांडुलिपि शामिल करने तथा डुप्लीकेट मतदाताओं के सत्यापन और निस्तारण की प्रक्रिया की समयसीमा 20 फरवरी तक बढ़ा दी है। ड्राफ्ट सूची 16 मार्च तक तैयार होगी और अंतिम सूची 27 मार्च तक अपलोड की जाएगी, जिसे 28 मार्च को आम जनता के लिए प्रकाशित किया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम विधानसभा सूची में दर्ज हैं, वही त्रिस्तरीय पंचायत सूची में शामिल किए जाएंगे।

सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं एसडीएम सदर शत्रुध्न पाठक ने सदर तहसील क्षेत्र के बीएलओ को निर्देशित करते हुए बताया कि एसआईआर का कार्य जारी है। एक चरण पूरा होने के बाद सभी बीएलओ को मतदाता सूचियां उपलब्ध करा दी गई हैं। यदि किसी मतदाता का नाम उस ग्राम पंचायत की विधानसभा सूची में नहीं है तो उसका नाम त्रिस्तरीय ग्राम पंचायत सूची में नहीं रखा जाएगा।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रतिपाल सिंह चौहान ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में डुप्लीकेट मतदाताओं की जांच के निर्देश निर्वाचन आयोग से प्राप्त हुए हैं। एसआईआर के तहत अभी भी दावा-आपत्तियां ली जा रही हैं और 20 फरवरी तक मतदाताओं की रिपोर्ट पांडुलिपि के माध्यम से ली जानी है। जिन गांवों में फर्जी मतदाताओं की शिकायतें मिलेंगी, उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए जाएंगे और समस्त कार्यवाही आयोग के निर्देशानुसार ही की जाएगी।
