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वाराणसी

दरोगा और सिपाही 20 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

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वाराणसी। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने बीती शाम को बड़ी कार्रवाई करते हुए सिगरा थाना क्षेत्र के काशी विद्यापीठ चौकी के प्रभारी शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव द्विवेदी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि महिला उत्पीड़न और मारपीट से जुड़े एक मामले को खत्म करने के एवज में चौकी प्रभारी ने पीड़ित पक्ष से कुल 50 हजार रुपये की मांग की थी, जिसमें 20 हजार रुपये देने पर बात तय हुई थी।

बताया गया कि पीड़ित जब तय रकम लेकर पुलिस चौकी पहुंचा तो चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा ने सिपाही गौरव द्विवेदी को इशारा कर रुपये लेने को कहा। सिपाही जैसे ही रुपये लेकर अपनी जेब में रखने लगा, पहले से घात लगाए भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। इसके बाद उन्हें लालपुर पांडेयपुर थाने को सौंपा गया, जहां इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया। प्रकरण की जानकारी मिलते ही पुलिस उपायुक्त गौरव बंसवाल ने आरोपित चौकी प्रभारी और सिपाही को निलंबित कर दिया।

मामले की पृष्ठभूमि में छित्तूपुर अंतर्गत चंदुआ स्थित हरिनगर निवासी ममता गुप्ता का नाम सामने आया है, जिन्होंने बीते छह अगस्त को अपने पति प्रह्लाद समेत छह ससुरालियों के खिलाफ मारपीट और प्रताड़ना का मुकदमा चंदौली जिले के अलीनगर थाने में दर्ज कराया था। इस मामले की जांच काशी विद्यापीठ चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा कर रहे थे। जांच के दौरान ममता के पति और आरोपित प्रह्लाद गुप्ता ने चौकी प्रभारी से मुलाकात की, जहां 20 हजार रुपये मिलने पर केस खत्म करने की बात कही गई।

आरोप है कि चौकी प्रभारी ने यह भी चेतावनी दी थी कि यदि रुपये नहीं दिए गए तो धाराएं बढ़ाकर सभी आरोपितों को जेल भेज दिया जाएगा। इस दबाव से नाराज होकर प्रह्लाद गुप्ता ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की, जिसके बाद जाल बिछाया गया। योजना के तहत प्रह्लाद गुप्ता बीती शाम को 20 हजार रुपये लेकर चौकी पहुंचा और सिपाही ने चौकी प्रभारी के निर्देश पर जैसे ही रुपये लिए, टीम ने कार्रवाई कर दी।

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जानकारी के अनुसार प्रह्लाद गुप्ता वर्तमान में चोलापुर थाना क्षेत्र के गोसाईपुर मोहांव में रहते हैं। ममता गुप्ता ने इससे पहले भी अपने पति के खिलाफ चोलापुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें प्रह्लाद को जेल जाना पड़ा था। पकड़ा गया चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा बस्ती जिले का निवासी है और वर्ष 2019 बैच का दारोगा बताया गया है, जबकि सिपाही गौरव द्विवेदी गोरखपुर का मूल निवासी है और उसकी नियुक्ति वर्ष 2020 में हुई थी।

इधर इस मामले में नया मोड़ तब आया जब गिरफ्तार दारोगा शिवाकर मिश्रा की पत्नी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में उन्होंने एंटी करप्शन टीम पर साजिश रचकर जबरन फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है। पत्नी का कहना है कि एंटी करप्शन से जुड़े एक व्यक्ति ने पहले उनके पति पर गलत काम करने का दबाव बनाया था और मना करने पर फंसाने की धमकी दी गई। उनका दावा है कि जानबूझकर साजिश के तहत यह कार्रवाई की गई है। यह वीडियो एक दिन से सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।

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