Connect with us

राज्य-राजधानी

डॉ. सुधांशु सिंह को मिला ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान’, कृषि नवाचार के बने वैश्विक चेहरे

Published

on

वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान, दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क) के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह को कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट और दूरगामी योगदान के लिए उत्तर प्रदेश दिवस 2026 के अवसर पर प्रतिष्ठित ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में आयोजित हुआ।

डॉ. सुधांशु सिंह को यह सम्मान कृषि अनुसंधान, नवाचार और सतत खाद्य प्रणालियों के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है। उन्होंने वैश्विक वैज्ञानिक ज्ञान को उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए स्थानीय जरूरतों के अनुरूप समाधान में बदलने का कार्य किया है। उनके प्रयासों से धान आधारित एवं विविधीकृत फसल प्रणालियों में उत्पादकता, उपज-स्थिरता और जलवायु सहनशीलता को नई दिशा मिली है।

डॉ. सिंह के नेतृत्व में आइसार्क उत्तर प्रदेश में स्थित होते हुए भी अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान और नीति-तंत्र से जुड़ा एक सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। यहां जलवायु-स्मार्ट कृषि, धान की सीधी बुआई (डीएसआर), तनाव-सहनशील किस्में, कृषि यंत्रीकरण और कम-उत्सर्जन खेती को बढ़ावा दिया गया, जिससे भूजल ह्रास, जलवायु परिवर्तन और बढ़ती लागत जैसी चुनौतियों का समाधान संभव हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय अनुभव का स्थानीय उपयोग करते हुए डॉ. सिंह ने आगरा में अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र (सीआईपी) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (सिप-सार्क) की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पहल से उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय कृषि अनुसंधान संस्थानों की उपस्थिति सुदृढ़ हुई और फसल विविधीकरण तथा कृषि-खाद्य प्रणालियों के दीर्घकालिक विकास को गति मिली।

आजमगढ़ जनपद के ग्राम समेंदा से आने वाले डॉ. सुधांशु सिंह तीन दशकों से अधिक अनुभव वाले अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कृषि वैज्ञानिक हैं। वे आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से बी.एससी. व एम.एससी. (एग्रोनॉमी) में स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ता हैं। फिलीपींस स्थित अंतरराष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान (इरी) से पीएच.डी. व पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप के बाद उन्होंने 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं का नेतृत्व किया, 150 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित किए और ‘इरावती’ धान किस्म सहित कई नवाचारों में योगदान दिया। वर्ष 2025 में उन्हें इंडियन सोसाइटी ऑफ एग्रोनॉमी का फेलो अवार्ड भी मिला।

Advertisement

संस्कृति विभाग द्वारा प्रदत्त उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान डॉ. सुधांशु सिंह के उस समर्पण का प्रतीक है, जिसने किसानों की आजीविका सुदृढ़ करने, सतत कृषि को बढ़ावा देने और उत्तर प्रदेश की वैश्विक प्रतिष्ठा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page