Connect with us

गोरखपुर

गोरखपुर महोत्सव का भव्य समापन, मुख्यमंत्री ने छह विभूतियों को किया सम्मानित

Published

on

Loading...
Loading...

विकास, सुरक्षा, संस्कृति और आत्मनिर्भर गोरखपुर का संकल्प

गोरखपुर। रामगढ़ ताल के रमणीय तट पर आयोजित तीन दिवसीय गोरखपुर महोत्सव 2026 का भव्य, ऐतिहासिक और गरिमामय समापन रविवार की देर शाम सम्पन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ महोत्सव अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त अनिल ढींगरा द्वारा मंचासीन अतिथियों के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि गोरखपुर महोत्सव अब केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि पूर्वांचल की पहचान, लोक परंपरा, आत्मनिर्भरता और विकास का सशक्त प्रतीक बन चुका है।

समारोह के दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, जनप्रतिनिधियों एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। प्रशासनिक अधिकारी मंच पर मौजूद रहे, जबकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मंच से नीचे रहकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही।

समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा, साहित्य, कला, समाजसेवा, खेल एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली गोरखपुर की छह विभूतियों को ‘गोरखपुर गौरव’ सम्मान से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 65 लाख की आबादी वाले गोरखपुर मंडल में से केवल छह विभूतियों का चयन करना अत्यंत कठिन कार्य है, लेकिन चयनित व्यक्तित्व अपने जीवन के परिश्रम, संघर्ष और समर्पण से समाज के लिए प्रेरणा बने हैं। यह सम्मान उनके कार्यों की सामाजिक स्वीकृति है और आने वाली पीढ़ियों को आगे बढ़ने का मार्ग दिखाएगा।

Advertisement

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने विस्तृत उद्बोधन में कहा कि गोरखपुर महोत्सव अब केवल मनोरंजन का मंच नहीं रहा, बल्कि यह लोक संस्कृति, युवा प्रतिभा, विज्ञान, साहित्य और विकास योजनाओं को एक सूत्र में पिरोने वाला आयोजन बन चुका है। विज्ञान प्रदर्शनी, पुस्तक मेला, लोक कला मंच, सांस्कृतिक संध्याएं और विभागीय स्टॉल इस महोत्सव की पहचान हैं, जहां आमजन को ज्ञान, रोजगार और संस्कृति—तीनों से जुड़ने का अवसर मिलता है।

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के अतीत को याद करते हुए कहा कि एक समय था जब यह जिला इंसेफेलाइटिस, गंदगी, अव्यवस्था और अपराध के लिए जाना जाता था। हजारों परिवारों ने अपने बच्चों को खोया, लोगों के मन में भय व्याप्त था और व्यापारी गुंडा टैक्स देने को मजबूर थे। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद हमने धैर्य नहीं खोया, बल्कि दृढ़ संकल्प के साथ इंसेफेलाइटिस के खिलाफ संघर्ष किया और मात्र दो वर्षों में इस बीमारी को जड़ से समाप्त कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर ही नहीं, बल्कि पूरा उत्तर प्रदेश सुरक्षित प्रदेश बन चुका है। अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और आम नागरिक, व्यापारी तथा बेटियां स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दस वर्षों में गोरखपुर को पहचानना कठिन हो गया है, जिस प्रकार अयोध्या और काशी में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं, उसी तरह गोरखपुर भी विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

Advertisement

मुख्यमंत्री ने विकास के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि गोरखपुर में अब तक 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है, जिससे 50 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। पहले जहां जिले में केवल एक विश्वविद्यालय था, आज चार विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं। इससे शिक्षा, शोध और नवाचार को नई दिशा मिली है। अब युवाओं को पढ़ाई या रोजगार के लिए बाहर पलायन नहीं करना पड़ता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल आवास योजना के तहत हजारों गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले हैं। सहजनवा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति को अपने ही जिले में सम्मानजनक रोजगार मिलता है, तो वही सच्चा और टिकाऊ विकास होता है।

धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में लाखों श्रद्धालु खिचड़ी चढ़ाने आते हैं। यह परंपरा केवल आस्था की नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता की भी प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी से खिचड़ी मेला प्रारंभ होगा, जिसके लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। गोरखपुर महोत्सव इस परंपरा को सांस्कृतिक ऊर्जा प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने बेटियों की सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि प्रदेश में भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित किया गया है। आज बेटियां निडर होकर शिक्षा प्राप्त कर रही हैं और कार्यस्थलों पर जा रही हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि कोई बेटी की ओर गलत नजर उठाएगा, तो कानून उसे उसके अंजाम तक जरूर पहुंचाएगा।

Advertisement

मुख्यमंत्री ने युवाओं को शॉर्टकट से बचने की सलाह देते हुए कहा कि शॉर्टकट का रास्ता अक्सर विनाश की ओर ले जाता है। परिश्रम, अनुशासन और धैर्य ही स्थायी सफलता का आधार है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को अनावश्यक रूप से स्मार्टफोन न दें, क्योंकि इसका दुरुपयोग युवाओं को गलत दिशा में धकेल सकता है।

सड़क सुरक्षा पर संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सड़कें इसलिए बनाई जाती हैं ताकि लोग सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच सकें, तेज रफ्तार दिखाने के लिए नहीं। जीवन अनमोल है और अनुशासन से ही उसकी रक्षा संभव है।

समारोह में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान, सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कुछ चुटीले प्रसंग भी साझा किए, जिससे पंडाल तालियों और ठहाकों से गूंज उठा।

समापन से पूर्व मुख्यमंत्री ने विज्ञान प्रदर्शनी, पुस्तक प्रदर्शनी और विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया। लोक कलाकारों, सांस्कृतिक दलों, कवियों और कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भारी जनसमूह की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि गोरखपुर महोत्सव अब जन-जन से जुड़ा उत्सव बन चुका है।

Advertisement

अपने उद्बोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने गोरखपुरवासियों, प्रशासन, आयोजकों और प्रतिभागियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और विश्वास जताया कि गोरखपुर महोत्सव आने वाले वर्षों में और अधिक भव्य स्वरूप लेगा। उन्होंने कहा कि गोरखपुर विकास, सुरक्षा, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का ऐसा मॉडल बनेगा, जो पूरे प्रदेश और देश के लिए प्रेरणा साबित होगा।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page