गोरखपुर
गोरखपुर डिलीवरी बॉयज़ ने बढ़ते खर्चों के बीच पारिश्रमिक बढ़ाने की उठाई मांग
गोरखपुर गीडा क्षेत्र और फैक्ट्री वर्कर सहित होम डिलीवरी करने वाले लड़कों सहित देश और दुनिया में चल रहे तनाव, विशेषकर ईरान-अमेरिका-इज़राइल तनाव के चलते वैश्विक आर्थिक अस्थिरता लगातार बढ़ रही है। इसका सीधा असर भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में उतार-चढ़ाव, LPG की कमी, रबर-प्लास्टिक जैसे कच्चे माल की कीमतों में 50% तक वृद्धि, पैकेजिंग सामग्री के दामों में बढ़ोतरी और सेमीकंडक्टर की कमी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
इसके साथ ही रुपये की गिरावट और BSE Sensex में लगातार कमजोरी ने हालात को और कठिन बना दिया है। इन सबका असर अब सीधे तौर पर डिलीवरी सेक्टर में काम करने वाले हजारों युवाओं पर दिखाई दे रहा है।
ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart से जुड़े डिलीवरी पार्टनर्स का कहना है कि मौजूदा समय में उन्हें प्रति पार्सल मात्र 13 रुपये, एक कस्टमर का यदि एक से अधिक पार्सल डिलीवरी पर 6.5 रुपये, Shopshy पर 10 रुपये और डॉक्यूमेंट डिलीवरी पर केवल 8 रुपये दिए जा रहे हैं। जबकि बढ़ती महंगाई और ईंधन खर्च के चलते उनके लिए काम करना मुश्किल होता जा रहा है।
डिलीवरी बॉयज़ का कहना है कि इतनी कम दरों में न तो उनका खर्च निकल पा रहा है और न ही वे अपने परिवार का सही ढंग से भरण-पोषण कर पा रहे हैं। उनका मानना है कि जब हर क्षेत्र में महंगाई बढ़ रही है, तो उनके पारिश्रमिक में भी वृद्धि होना जरूरी है।
इस संबंध में डिलीवरी पार्टनर्स ने श्रम मंत्रालय और संबंधित कंपनियों से मांग की है कि वे इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान दें और प्रति डिलीवरी मिलने वाली राशि में उचित बढ़ोतरी करें, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। डिलीवरी कर्मचारियों की यह मांग अब एक महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक मुद्दा बनती जा रही है, जिस पर जल्द निर्णय लिया जाना आवश्यक है।
