वाराणसी
MGKVP : ऑल इंडिया इंग्लिश टीचर्स एसोसिएशन का चुनाव संपन्न, प्रो. सुभाष चंद्र गौतम बने चेयरमैन
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययन पीठ में आयोजित 68वें ऑल इंडिया इंग्लिश टीचर्स कॉन्फ्रेंस के द्वितीय दिवस एसोसिएशन का चुनाव शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हुआ। प्रातः 10 बजे से नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हुई, जबकि सायं 4 बजे से 7 बजे तक मतदान कराया गया। चुनाव अधिकारी एवं लोकल सेक्रेटरी प्रोफेसर निशा सिंह और प्रोफेसर नागेंद्र कुमार सिंह के कुशल निर्देशन में पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
रात्रि 8 बजे से मतगणना का कार्य प्रारंभ हुआ, जो लगभग 1 बजे रात तक चला। गांधी अध्ययन पीठ में बनाए गए चार बूथों पर प्रोफेसरों ने मतदान किया। सभी मतपेटिकाओं को प्रत्याशियों की उपस्थिति में सील कर क्रमवार खोला गया और पारदर्शी ढंग से मतगणना की गई। इसके उपरांत चुनाव अधिकारी प्रोफेसर निशा सिंह ने विजयी प्रत्याशियों की घोषणा की।
चुनाव परिणामों में चेयरमैन पद पर प्रोफेसर सुभाष चंद्र गौतम, वाइस चेयरमैन पद पर प्रोफेसर मिथिलेश कुमार पाण्डेय एवं डॉ. उर्मिला डाबीर, जनरल सेक्रेटरी पद पर प्रोफेसर विकास शर्मा, ट्रेज़रर पद पर प्रोफेसर भावेश चंद्र पाण्डेय तथा ज्वाइंट ट्रेज़रर पद पर निर्विरोध प्रोफेसर प्रमोद कुमार सिंह निर्वाचित हुए। वहीं चीफ एडिटर के पद पर प्रोफेसर नीरज कुमार और को-एडिटर के पद पर डॉ. अशोक सचदेवा को विजयी घोषित किया गया।
इसी क्रम में कार्यकारिणी सदस्यों की भी घोषणा की गई। ईस्ट जोन से डॉ. मीता, डॉ. लक्ष्मण यादव, डॉ. निखिलेश धर एवं प्रोफेसर मधुर कुमार, वेस्ट जोन से डॉ. सुदेश व डॉ. सतीश, नॉर्थ जोन से प्रोफेसर जे. एस. झा, प्रोफेसर पूनम द्विवेदी, प्रोफेसर राजेश कुमार मिश्र व डॉ. रामप्रवेश सिंह, साउथ जोन से डॉ. के. विजय भास्कर, डॉ. ख्वाजा मोइनुद्दीन एवं डॉ. अलापति पी. राव तथा सेंट्रल जोन से डॉ. कलिकिंकर पटनायक, प्रोफेसर राजेश कुमार लिडिया, प्रोफेसर मेरी मोहंती और प्रोफेसर रूपेश चतुर्वेदी को विजयी घोषित किया गया।
चुनाव अधिकारी प्रोफेसर निशा सिंह ने जानकारी दी कि सम्मेलन के तृतीय दिवस सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। चुनाव संपन्न कराने में डॉ. किरण सिंह, डॉ. धीरेंद्र कुमार पाण्डेय, डॉ. रणविजय सिंह, डॉ. करण जैसल, आकाश सिंह, शुभम सिंह, अविहर्षा सिंह, प्रज्ञा अग्रवाल, आराधना सिंह, अनूप दूबे और बसंत सिंह सहित अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
