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G20 Summit: बाली में पीएम मोदी और ऋषि सुनक के बीच हुई मुलाकात, FTA पर बनेगी बात?
Modi meets Rishi Sunak: इंडोनेशिया में चल रहे जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अलग अलग वैश्विक नेताओं से मुलाकात हो रही है और इसी कड़ी में पीएम मोदी की मुलाकात ब्रिटेन के नये प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से हुई है, जो भारतीय मूल के हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद ऋषि सुनक पहली बार भारतीय प्रधानमंत्री से मिले हैं और दोनों नेताओं के बीच मुलाकात उस वक्त हुई है, जब ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था मुश्किल हालातों से गुजर रही है।
पीएम मोदी-ऋषि सुनक की हुई मुलाकात
यूनाइटेड किंगडम के नए प्रधान मंत्री ऋषि सनक ने पिछले महीने ही देश में चल रही राजनीतिक उठापटक के बीच प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभाला है और इंडोनेशिया के बाली में पीएम मोदी के साथ उनकी संक्षिप्त बातचीत हुई है। ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने की भारत में काफी चर्चा की गई थी, क्योंकि वो भारतीय मूल के हिंदु नेता हैं, जो अभी भी अपनी हिंदु पहचान को गर्व के साथ बताते हैं। ऋषि सुनक से मुलाकात के अलावा पीएम मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रों से भी मुलाकात की है। वहीं, भारतीय मूल के पूर्व ब्रिटिश वित्तमंत्री ऋषि सुनक, जिन्होंने लिज ट्रस के विनाशकारी मिनी-बजट के बाद देश की सत्ता संभाला था, उन्होंने बढ़ती महंगाई दर को कम करने को लेकर चेतावनी दी है, कि आगे सरकार अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए कठिन टैक्स और खर्च को लेकर फैसले करेगी। लेकिन, ऋषि सुनक भारत की तरफ बहुत बड़ी उम्मीदों के साथ देख रहे है।
एफटीए पर बनेगी बात?
आर्थिक मामलों के विशेषज्ञों की माने तो ब्रिटेन सरकार के सामने अपार संकटे हैं, लिहाजा वे भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को बहुत बड़ी संभावना के साथ आवश्यक आर्थिक विकास के लिए जरूरी तत्व के तौर पर देखते हैं। दन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) सेंटर फॉर इकोनॉमिक परफॉर्मेंस में सीनियर पॉलिसी फेलो डॉ अन्ना वैलेरो ने कहा है, ऋषि सुनक भारत के साथ ट्रेड डील करने के लिए काफी उत्सुक और प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि, “इस तरह का सौदा यूके के लिए विकास के अवसर पैदा कर सकता है, खासकर अगर एक्सपोर्ट सर्विस को ब्रिटेन ने मौके की तरफ भुनाया और भारत को निर्यात किया। एक्सपोर्ट सेक्टर ब्रिटेन के लिए तुलनात्मक तौर पर लाभ का सेक्टर रहा है”।
ब्रिटेन के लिए भारत क्यों है जरूरी?
यूक्रेन संकट की वजह से उत्पन्न ऊर्जा संकट ने ब्रिटिश अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है, जिससे ब्रिटेन के घरेलू उपभोक्ता के सामने जीवन-यापन का संकट तक पैदा हो गया। इसके साथ ही कोविड संकट और ब्रेक्सिट ने ब्रिटेन की समस्याओं में इजाफा ही किया, जब साल 2016 में यूरोपीय संघ से ब्रिटेन बाहर आ गया था (जिसे ब्रेक्सिट कहा जाता है), लिहाजा अब ब्रिटेन को एक ऐसे बाजार की तलाश है, जहां वो एक्सपोर्ट बढ़ा सके और जिसके लिए अपने दरवाजे खोल सके। इकोनॉमिक एक्सपर्ट के मुताबिक, आर्थिक संकट में फंसने के बाद सामान्य ब्रिटिश परिवारों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च करने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जो किसी भी समृद्ध अर्थव्यवस्था का निर्माण करते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि, ब्रिटिश सरकार के लिए जरूरी है, कि वो एक ऐसी योजना के साथ आगे बढ़े, जिससे देश की अर्थव्यवस्था में स्थिरता आए और ऋषि सुनक इस अगले महीने बजट पेश करने की तैयारी कर रहे हैं, लिहाजा उनके पास अर्थव्यवस्था को स्थिरता देने का मौका होगा।
