अपराध
दो शातिर टप्पेबाजों को चोलापुर पुलिस ने किया गिरफ्तार
वाराणसी: चोरी/लूट की घटनाओं के अनावरण हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के निर्देशन में अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के पर्यवेक्षण में सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ के नेतृत्व में थाना चोलापुर पुलिस टीम मुखबिर की सूचना पर मु0अ0सं0 131/2023 धारा 417,406, 420 भा0द0वि0 थाना चोलापुर कमिश्नरेट वाराणसी व मु0अ0सं0 132/2023 धारा 417,406, 420 भा0द0वि0 थाना चोलापुर कमिश्नरेट वाराणसी से सम्बन्धित वांछित अभियुक्तगण केशव प्रसाद सिंह पुत्र राम पलट सिंह निवासी खुशहाल नगर सेक्टर-A बड़ालालपुर थाना शिवपुर वाराणसी, अभिषेत कुमार पुत्र महेन्द्र प्रसाद निवासी ग्राम लेदुपुर थाना सारनाथ जनपद वाराणसी को कटहलगंज के पास से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तगण के कब्जे से 02 चोरी की मोटरसाइकिल व धोखाधड़ी में प्रयुक्त 03 मोबाइल फोन व 04 आधार कार्ड, 01 ड्राइविंग लाइसेंस, 01 पैन कार्ड व जामा तलाशी से 1230 रूपये नगद बरामद हुआ अभियुक्तगण की गिरफ्तारी व चोरी की मोटरसाइकिलों की बरादमगी के सम्बन्ध में थाना चोलापुर में मु0अ0सं0 133/2023 धारा 41/411/414 भा0द0वि0 पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।
अभियुक्तगण से पूछताछ का विवरण अभियुक्तगण पूछताछ पर बता रहे हैं कि हम लोग एक दूसरे के साथ मिलकर लोगों को धोखा देकर धोखाधड़ी (टप्पेबाजी करते हैं जिसमें अपने मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं व अपनी मूल पहचान छिपाने के लिए नकली आधार कार्ड का प्रयोग करते हैं। हम दोनो लोग मिलकर ईट भट्टों के मालिकों एवं जो लोग मकान निर्माण हेतु सरिया सीमेंट इत्यादि खरीदने व बेचने का व्यापार करते हैम उनसे व सामान लेने वाले मकान निर्माण करा रहे ग्राहकों से बातचीत कर जिस स्थान पर सामान ईंट, सरिया, सीमेंट इत्यादि गिराया जा रहा होता है उसी दौरान हाथ की सफाई करते हुए ग्राहकों से पैसा लेकर तथा धोखाधड़ी करके भाग जाते हैं, फोन करने पर दोबारा फोन नहीं उठाते हैं और उस क्षेत्र में आना जाना छोड़ देते हैं। इस प्रकार अब तक हम लोग कई ईट भट्ठा मालिकों एंव दुकानदारों व ग्राहकों को चूना लगा चुके हैं। हम लोग यह कार्य जनपद वाराणसी, गाजीपुर एवं गोरखपुर बीच में करते हैं। जो दो मोटरसाईकिले हम लोगों के पास बरामद हुई हैं, वह चोरी की हैं व वाहन मोटर साइकिल UP 65 AI 7577 यामाहा FZ का वास्तविक नं0 UP 65 AL 7577 था जिसको हम लोग पुलिस के पहचान से बचने के लिए नम्बर के अक्षर एल को बदल कर आई बना दिया था। अक्सर इसी वाहन से चलते थे, कभी कभी वाहन संख्या UP 65 AQ 4828 बजाज पल्सर से भी चलते थे और धोखधडी का काम करके पैसे कमाकर अपना व अपने परिवार का जीविकोपार्जन करते थे। आज भी हम लोग टप्पेबाजी की तलाश में थे कि आप लोगों द्वारा पकड़ लिये गये।
