वाराणसी
काशी विश्वनाथ मंदिर को दान स्वरुप मिली पांच गोल्फ कार्ट गाड़ियां
वाराणसी। गुजरात के श्रीमती लीला बेन सोरोपति चंद्र शर्मा ट्रस्ट ने काशी विश्वनाथ मंदिर को आठ-सीटर गोल्फ कार्ट की पांच गाड़ियां दान की हैं। इस दान का उद्देश्य मंदिर आने वाले बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को सुगम और आरामदायक आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है। ट्रस्ट का कहना है कि इन गाड़ियों के माध्यम से गोदौलिया और मैदागिन से मंदिर तक आने-जाने में श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मिलेगी और उनकी यात्रा अधिक सहज होगी।
काशी विश्वनाथ मंदिर हिंदू धर्म का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या बुजुर्गों और दिव्यांगों की भी होती है, जिन्हें संकरी गलियों और भीड़भाड़ के कारण मंदिर तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में गोल्फ कार्ट की यह सुविधा उनके लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगी।
ट्रस्ट ने कहना है कि बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में कई बार परेशानी होती है, इसी भावना के साथ उन्होंने गोल्फ कार्ट दान करने का निर्णय लिया। उनका मानना है कि इससे श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के भगवान के दर्शन कर सकेंगे। दान के अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी और मंदिर प्रशासन के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
इन गोल्फ कार्टों का उपयोग उन श्रद्धालुओं के लिए किया जाएगा, जो चलने में असमर्थ हैं या जिन्हें यात्रा के दौरान अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता होती है। मंदिर प्रशासन ने इस दान की सराहना करते हुए इसे श्रद्धालुओं की सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। प्रशासन के अनुसार, इन गाड़ियों के संचालन से गोदौलिया और मैदागिन से मंदिर तक की यात्रा अधिक सुगम हो सकेगी।
मंदिर प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि इस पहल से अन्य भक्त भी प्रेरित होंगे और इस प्रकार के दान की परंपरा आगे बढ़ेगी। इससे न केवल मंदिर की सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि बाबा के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
