वाराणसी
बनारस लिट फेस्ट : अस्सी घाट पर बही सुरों की गंगा
वाराणसी। अस्सी घाट पर गुरुवार की सांध्य बेला में बनारस लिट फेस्ट काशी साहित्य कला उत्सव का शुभारंभ साहित्य, कला और संस्कृति के अद्भुत संगम के साथ हुआ। गंगा तट पर सजे इस आयोजन में शास्त्रीय, लोक और पाश्चात्य संगीत का मनमोहक समावेश देखने को मिला, लेकिन बनारस की बेटी गायिका प्रियंका भट्टाचार्य की प्रस्तुति ने श्रोताओं का विशेष रूप से मन मोह लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत सुप्रसिद्ध सितारवादक पं. देवव्रत मिश्रा और उनकी टीम की संगीतमय प्रस्तुति से हुई। राग यमन से लेकर “सांसों की माला”, कबीर का पद “चदरिया झीनी रे झीनी” और राग अड़ाना में “शिव शिव” की प्रस्तुति ने घाट को भक्ति और संगीत से सराबोर कर दिया। गंगा सेवा समिति की आरती के बाद गणेश वंदना के साथ सांगीतिक संध्या आगे बढ़ी।

इसके बाद “माटी की खुशबू” बैंड की प्रस्तुति के बीच जब प्रियंका भट्टाचार्य मंच पर आईं तो लोकधुनों ने पूरे वातावरण को जीवंत कर दिया। प्रियंका ने कवि शेखर श्रीवास्तव के साथ विभिन्न राज्यों के लोकगीत प्रस्तुत कर देश की सांस्कृतिक विविधता को सुरों में पिरो दिया। उनकी मधुर आवाज़ और प्रस्तुति शैली ने दर्शकों को बांधे रखा और खूब सराहना बटोरी।
आयोजन समिति के अध्यक्ष दीपक मधोक, सचिव बृजेश सिंह सहित अनेक सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही। पद्मश्री शीन काफ़ निजाम, मदन मोहन दानिश सहित कई साहित्यकार और संस्कृतिकर्मी उपस्थित रहे। संचालन अभिषेक तिवारी और आरजे विशाल ने किया। भारी संख्या में उपस्थित श्रोताओं ने इस सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।
