वाराणसी
युगदृष्टा भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी को श्रद्धांजलि
वाराणसी। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी की जयंती पर मंगलवार को राजीव गांधी चौक (मैदागिन) पर कांग्रेसजनों और प्रबुद्ध नागरिकों ने उनकी प्रतिमा को धोकर माल्यार्पण किया तथा मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अनिल कुमार उपाध्याय ने कहा कि राजीव गांधी ने संचार क्रांति के माध्यम से आधुनिक भारत की नींव को सुदृढ़ किया।
उन्होंने युवाओं को 18 वर्ष की आयु में मताधिकार और पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को आरक्षण देकर समाज के पिछड़े, दबे और वंचित वर्गों को सशक्त बनाया।संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय कार्य परिषद के पूर्व सदस्य एवं कांग्रेस नेता डॉ. उमापति उपाध्याय ने कहा कि राजीव गांधी 40 वर्ष की आयु में प्रधानमंत्री बने और अपने कार्यकाल में सामाजिक एवं तकनीकी क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव किए।
कंप्यूटर शिक्षा और संचार व्यवस्था को बढ़ावा देकर उन्होंने भारत को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की राह दिखाई।उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सदस्य व पूर्व पार्षद डॉ. जितेंद्र सेठ ने कहा कि राजीव गांधी ने जनवरी 1985 में दल-बदल विरोधी कानून लागू किया, श्रीलंका में शांति सेना भेजी और 1988 में मालदीव में सशस्त्र तख्ता पलट को विफल किया। गंभीर स्वभाव, आधुनिक सोच और निर्णायक क्षमता के धनी राजीव गांधी 21वीं सदी के विकसित भारत का सपना लेकर कार्य कर रहे थे।
कार्यक्रम में राजेंद्र तिवारी, बबलू महंत, कमलाकर त्रिपाठी, मनोज चौबे, अतुल मालवीय, वैभव त्रिपाठी, विपिन मेहता, बबलू शुक्ला, अशोक पांडेय, विष्णु त्रिपाठी, पवन खन्ना पोली, प्रमोद श्रीवास्तव, सुशील सोनकर, सुशील सिंह बच्चा, अविनाश मिश्रा, राजेंद्र जायसवाल, प्रदीप मेहरोत्रा, स्नेह जायसवाल, निमेष गुप्ता, संदीप वर्मा, विजय सिंह बागी, पवन पांडेय, भोलानाथ यादव, सुभाष राम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. अनिल कुमार उपाध्याय ने की तथा संचालन डॉ. जितेंद्र सेठ ने किया।
