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अपराध

फर्जी रिहाई आदेश से जेल से बंदी फरार, मुकदमा दर्ज

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वाराणसी। जिला जेल में फर्जी रिहाई आदेश के जरिए एक बंदी के रिहा होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शनिवार को इस घटना को लेकर लालपुर पांडेयपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। जेलर राजेश कुमार की शिकायत पर हाथरस के सादाबाद थाने के कोठीबदार निवासी सुनील चौधरी उर्फ सुनील कुमार और एक अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

कैसे हुआ फर्जी रिहाई आदेश का खुलासा

बंदी सुनील चौधरी को वाराणसी साइबर क्राइम पुलिस द्वारा 24 फरवरी 2024 को गिरफ्तार कर जिला जेल में दाखिल किया गया था। इसके अलावा, अलीगढ़ साइबर क्राइम थाने में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज था। चार मार्च 2025 को जिला जेल को अदालत से उसकी रिहाई का आदेश प्राप्त हुआ, जिसके आधार पर सात मार्च 2025 को उसे रिहा कर दिया गया।

हालांकि, रिहाई के बाद जब आदेश की जांच की गई तो यह फर्जी निकला। इस मामले में कमिश्नरेट के सहायक रेडियो अधिकारी और अलीगढ़ के संयुक्त निदेशक अभियोजन से जानकारी मांगी गई, जिसमें पुष्टि हुई कि किसी भी अदालत ने ऐसा आदेश जारी नहीं किया था।

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पुलिस ने शुरू की जांच, आरोपी की तलाश जारी

लालपुर पांडेयपुर थानाध्यक्ष विवेक कुमार पाठक ने बताया कि जेलर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने सुनील चौधरी की तलाश के लिए एक विशेष टीम गठित की है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

यह मामला जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह फर्जी आदेश किस तरह तैयार किया गया और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता हो सकती है।

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