वाराणसी
सीएचओ समय से बच्चों व गर्भवती का टीकाकरण सुनिश्चित कराएं – सीएमओ
नियमित टीकाकरण के पर्यवेक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं सीएचओ
गुरुवार को 55 सीएचओ को मिला प्रशिक्षण, अब तक 154 सीएचओ हुये प्रशिक्षित
सुपरविजन के साथ मॉनिटरिंग, डाटा एंट्री, मोबिलाइज़ेशन का भी कार्य करेंगे
वाराणसी: राष्ट्रीय नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के लिए आयुष्मान भारत–हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को ककरमत्ता स्थित होटल एलीजेंस में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ संदीप चौधरी के निर्देशन में सीएचओ के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन हुआ। डॉ संदीप ने बताया कि इस दौरान 55 सीएचओ को प्रशिक्षित किया गया। अब तक 154 सीएचओ को प्रशिक्षित किया जा चुका है। शेष सीएचओ को आगामी दिवसों में प्रशिक्षित किया जाएगा।
सीएमओ ने समस्त सीएचओ से कहा कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की समय-सारणी के अनुसार जिले के सभी बच्चों व गर्भवती का टीकाकरण सुनिश्चित करें। समुदाय का कोई भी बच्चा व गर्भवती टीकाकरण से न छूटे, इसके लिए एएनएम और आशा कार्यकर्ता का लगातार पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें। जागरूकता और पर्यवेक्षण के न होने से जनपद में बहुत बच्चों का टीकाकरण छूट रहा है। इसके कारण मीजिल्स, डिप्थीरिया व अन्य बीमारियों से ग्रसित बच्चे मिल रहे हैं। इसलिए ज्यादा ध्यान छूटे हुये बच्चों के टीकाकरण और उसके प्रति उदासीन परिवारों को जागरूक कर सभी को टीका लगवाएं। समुदाय के प्रति संवेदनशील हों और अपने कार्यों के प्रति उत्तरदायी बनें। उन्होंने सभी सीएचओ को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सेवा परमो धर्म: की अवधारणा से कार्य करें। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले के 208 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सीएचओ तैनात हैं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ निकुंज कुमार वर्मा ने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आयुष्मान भारत – हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सीएचओ को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के सुपरविजन, मॉनिटरिंग, डाटा एंट्री, मोबिलाइज़ेशन आदि सेवाओं के लिए प्रशिक्षित करना है। उन्होंने बताया कि यदि बच्चा समय से सभी टीकों से प्रतिरक्षित है तो उसे निमोनिया, खसरा-रूबेला, टिटनेस, हेपेटाइटिस बी सहित 11 विभिन्न बीमारियों से बचाया जा सकता है। उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ वाईबी पाठक व वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ एके पाण्डेय ने बताया कि जन्म से लेकर पांच साल तक सात बार टीकाकरण किया जाता है। इसलिए सभी टीकाकरण का समय ध्यान से जान लेना बेहद आवश्यक है। टीकाकरण किसी भी हालत में नहीं छूटना चाहिए। इसके लिए नियमित सुपरविजन, मोबिलाइज़ेशन, मॉनीटरिंग सहित आदि कार्य में सीएचओ की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। डब्ल्यूएचओ के जरिये मॉनीटरिंग और सर्विलान्स का कार्य किया जा रहा है।
इस मौके पर सीएमओ डॉ संदीप चौधरी, डॉ निकुंज कुमार वर्मा, डॉ वाईबी पाठक, डॉ एके पाण्डेय के अलावा जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारी हरिवंश यादव, डब्ल्यूएचओ एसएमओ डॉ कुनाल व डॉ सतरूपा, यूनिसेफ से डॉ शाहिद व अन्य सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
