Connect with us

वाराणसी

ससुराल में पिटाई, पुलिस की चुप्पी से आहत महिला ने दो बेटों संग ट्रेन से कट कर दी जान

Published

on

‘पुलिस सुनती तो मीनू ज़िंदा होती’— सवालों के घेरे में जंसा थाना

वाराणसी के जंसा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आयी है, जहां एक मां ने अपने दो मासूम बेटों के साथ चलती ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। यह हादसा उस वक्त हुआ जब महिला को ससुराल वालों की पिटाई और पुलिस की अनसुनी शिकायतों के चलते गहरा मानसिक आघात पहुंचा था।

मिली जानकारी के मुताबिक, मृतका मीनू सिंह, हरसोस गांव की निवासी थी और उसके पति विकास सिंह सूरत की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। होली के समय जब विकास घर आया तो संपत्ति के बंटवारे को लेकर परिवार में विवाद हुआ। बंटवारे के बाद भी झगड़े रुक नहीं पाए। सोमवार को मीनू का जेठ-जेठानी से झगड़ा हुआ, जिसके बाद वह अपने मायके चली गई। अगले दिन जब वह वापस लौटी, तो एक बार फिर पिटाई हुई।

Advertisement

न्याय की आस में मीनू जंसा थाने पहुंची, लेकिन पुलिस ने इसे घरेलू विवाद मानकर नजरअंदाज कर दिया। आहत मीनू ने पति को आखिरी बार फोन किया और जान देने की चेतावनी दी, लेकिन उसे भी गंभीरता से नहीं लिया गया।

मंगलवार को मीनू अपने बेटों विप्लव (5) और विपिन (3) के साथ चौखंडी रेलवे स्टेशन पहुंची और महाकाल एक्सप्रेस ट्रेन के सामने कूद गई। घटनास्थल पर तीनों के शव क्षत-विक्षत अवस्था में पाए गए। ट्रेन ड्राइवर ने हार्न बजाया, लेकिन मीनू टस से मस नहीं हुई।

घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई और पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका के भाई कमलेश की तहरीर पर सास, ससुर, जेठानी और पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। राजातालाब के एसीपी अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page