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गाजीपुर

सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन मासूमों की मौत, मां-बेटी घायल

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गहमर (गाजीपुर)। जिले के गहमर कोतवाली क्षेत्र के पथरा गांव स्थित मां कामाख्या धाम के पास एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि मां और एक बेटी गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा देर रात करीब दो बजे हुआ, जब एक तेज़ रफ्तार अनियंत्रित ट्रेलर ने झोपड़ी में सो रहे परिवार को रौंद डाला।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लालजी डोम का परिवार रोज़ की तरह सड़क किनारे बनी झोपड़ी में भोजन कर विश्राम कर रहा था। इस दौरान भदौरा की ओर से आ रहा एक अनियंत्रित ट्रेलर झोपड़ी पर चढ़ गया। हादसे में मौके पर ही दो मासूम बेटियों कबूतरी (5 वर्ष) और ज्वाला (2 वर्ष) की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, सपना (7 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

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हादसे में मां संतरा देवी (30 वर्ष) भी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जिला अस्पताल में जारी है। घटना के समय लालजी डोम किसी काम से बाहर गए हुए थे। जब वह वापस लौटे तो परिवार की हालत देख बेसुध हो गए। तीन मासूमों की लाशें, खून से सनी ज़मीन और अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष करती पत्नी का दृश्य पूरे गांव को शोक में डुबो गया।

घटना के बाद ट्रेलर चालक वाहन समेत फरार हो गया, लेकिन गहमर पुलिस की तत्परता से ट्रेलर को बिहार बॉर्डर पर पकड़ लिया गया। गहमर कोतवाल अशेष नाथ सिंह ने जानकारी दी कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और घायलों का उपचार जारी है। चालक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

प्रशासनिक उदासीनता बनी चिंता का कारण

हादसे के बाद जहां पूरा गांव शोकाकुल है, वहीं पीड़ित परिवार को अभी तक प्रशासनिक स्तर पर कोई सहायता नहीं मिली है। तीन बच्चों को खो चुका लालजी डोम अब अपने परिवार की आर्थिक और मानसिक स्थिति से जूझ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, घायल सदस्यों के बेहतर इलाज की व्यवस्था और दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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यह हादसा न केवल सिस्टम की लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि उन हज़ारों गरीब परिवारों की हकीकत भी सामने लाता है जो सड़क किनारे रहने को मजबूर हैं और हर पल मौत के साए में जीते हैं।

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