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विश्व गौरैया दिवस पर शहर में निकली जन जागरण रैली
वाराणसी। बुधवार को सिगरा क्षेत्र स्थित शहीद उद्यान में विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर 20 घोंसले पेड़ों पर लगाए गए और इसके अलावा 5 आंवला के पौधे लगाए गए। इस दौरान क्षेत्र में गौरैया के प्रति जागरूकता के लिए जन जागरण रैली निकाली गई जिसमें कई संगठनों के लोग शामिल रहें।
इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार मुन्नालाल साहनी ने बताया कि, वर्तमान समय में गौरैया प्रजाति ध्वनि प्रदूषण, पेड़ों की कटाई, कीटनाशकों के उपयोग और भोजन की अनुपलब्धता के कारण विलुप्त होने के कगार पर है। हमें आने वाले समय में इस जीव को विलुप्त होने से बचाने के लिए सचेतना होगा। ताकि हमारे आने वाली पीढ़ी भी हमारी संस्कृति और पर्यावरण से पूरी तरह वाकिफ हो।

क्यों मनाते हैं गौरैया दिवस ?
विश्व गौरैया दिवस को गौरैया के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इसके अलावा यह शहरी वातावरण में रहने वाले आम पक्षियों के प्रति जागरूकता लाने हेतु भी मनाया जाता है। नेचर फार एवर सोसाइटी भारत और इकोसिस एक्शन फ़ाउंडेशन फ्रांस के सहयोग से हर साल 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है। गौरैया को हाउस स्पैरो भी कहा जाता है। यह मानव और प्रकृति के लिए उपयोगी है।
