गोरखपुर
यूपी में 10 लाख से अधिक शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज
कैबिनेट बैठक में 29 प्रस्तावों पर होगा मंथन
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों, कर्मचारियों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। राज्य सरकार प्रदेश के प्राइमरी और माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने जा रही है, जिससे 10 लाख से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। अधिकारियों के अनुसार माध्यमिक शिक्षा विभाग के एडेड और सेल्फ फाइनेंस विद्यालयों के शिक्षक इस दायरे में आएंगे, जबकि यह व्यवस्था बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों पर भी लागू होगी।
बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े फाइनेंस और सेल्फ फाइनेंस स्कूलों के शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डेन, पूर्णकालिक और अंशकालिक शिक्षक, साथ ही प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइयों और उनके आश्रित परिवारों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। विधानसभा चुनाव से पहले इस फैसले को योगी सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव सहित कुल 29 प्रस्तावों पर चर्चा होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने लोक भवन में प्रस्तावित कैबिनेट बैठक का एजेंडा जारी कर दिया है।
कैबिनेट में नोएडा में मेट्रोपॉलिटन कारपोरेशन के गठन का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की ओर से उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली में विचाराधीन Special Leave to Appeal (Crl.) No.1251/2023, विरेंद्र सिंह नगर बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य के आदेश के अनुपालन में नोएडा में मेट्रोपॉलिटन कारपोरेशन बनाए जाने का निर्णय लिया जाएगा।
अटल नवीकरण और शहरी रूपांतरण मिशन 2.0 के तहत गोरखपुर नगर निगम में सीवरेज योजना जोन ए-3 से संबंधित परियोजना के लिए 721 करोड़ 40 लाख 41 हजार रुपये के व्यय को मंजूरी देने का प्रस्ताव है। इसी योजना के अंतर्गत वाराणसी नगर निगम क्षेत्र के सीवरेज से अत्यधिक प्रभावित 18 वार्डों में से दुर्गाकुंड, नरिया सरायनंदन, जोल्हा, उत्तरी और भेलूपुर वार्ड में सीवरेज लाइन बिछाने और गृह संयोजन कार्य के लिए 266 करोड़ 49 लाख 44 हजार रुपये के खर्च का अनुमोदन किया जाएगा।
कैबिनेट में उत्तर प्रदेश नगर निगम (आकाश चिन्ह और विज्ञापनों का विनियमन) नियमावली 2026 को मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति 2026 लागू करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। शहरी क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए वित्त पोषण के तौर पर विकास शुल्क की संशोधित प्रणाली लागू करने और उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास (विकास शुल्क निर्धारण, उद्ग्रहण एवं संग्रहण) नियमावली 2014 में संशोधन का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।
राजस्व वृद्धि और परिवहन विभाग के कर ढांचे में परिवर्तन के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम 1997 की धारा-4 के अंतर्गत जारी अधिसूचनाओं को अवक्रमित कर नई अधिसूचनाएं जारी करने का प्रस्ताव है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति 2022 के तहत शुद्ध इलेक्ट्रिक वाहनों को पंजीकरण शुल्क में छूट देने संबंधी अधिसूचना के प्रख्यापन पर कार्योत्तर अनुमोदन लिया जाएगा।
परिवहन विभाग के अंतर्गत फेसलेस सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश मोटर यान नियमावली 1998 में संशोधन कर ड्राइविंग लाइसेंस में जन्मतिथि परिवर्तन, पहाड़ी क्षेत्रों में वाहन चलाने की अनुमति, पंजीकरण संख्या प्रतिधारण और गैर उपयोग सूचना परमिट से जुड़े प्रावधान जोड़े जाएंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश परिवहन सेवा (सप्तम संशोधन) नियमावली 2026 और सहायक मोटर यान निरीक्षक के नवसृजित 351 पदों के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन (अधीनस्थ) प्राविधिक सेवा नियमावली 2026 को मंजूरी दी जा सकती है।
बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क एवं नक्षत्रशाला की स्थापना के लिए संबंधित विकास प्राधिकरणों को कार्यदायी संस्था नामित करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में रखा जाएगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवाओं से संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुख्यमंत्री अध्येतावृत्ति योजना में अनुसंधानविदों की आयु सीमा और अधिमान में शिथिलीकरण संबंधी नियमावली 2026 को भी मंजूरी मिलने की संभावना है।
कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) नियमावली 1982 और उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा नियमावली 2001 में संशोधन प्रस्तावों पर भी विचार होगा। इसके अलावा गंगा किसान सहकारी चीनी मिल लिमिटेड मोरना, जनपद मुजफ्फरनगर की पेराई क्षमता विस्तार, तकनीकी उन्नयन और आधुनिकीकरण के साथ नई चीनी मिल स्थापना का प्रस्ताव रखा जाएगा। सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड को पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्य भुगतान के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले ऋण पर शासकीय गारंटी और गारंटी शुल्क माफी का निर्णय भी एजेंडे में शामिल है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के भविष्य के विस्तार के लिए विभिन्न चरणों में भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भी कैबिनेट में आएगा। इसके साथ ही निदेशक, सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा, निदेशालय लखनऊ का त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2020-21 राज्य विधान मंडल के समक्ष प्रस्तुत करने की मंजूरी दी जा सकती है।
लखनऊ-हरदोई में प्रस्तावित पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क के लिए औद्योगिक जलापूर्ति और स्वच्छ जलापूर्ति से जुड़ी परियोजनाओं पर 458 करोड़ 50 लाख 11 हजार रुपये के व्यय को स्वीकृति मिलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश ईंट भट्ठा स्थापना से जुड़े स्थल मापदंडों में संशोधन, उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति 2020 में संशोधन, वाराणसी-चंदौली और देवरिया में राज्य मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों की वित्तीय स्वीकृति, उप निबंधक कार्यालयों में पंजीकृत विलेखों का डिजिटाइजेशन, उप खनिजों की रॉयल्टी और डेड रेंट दरों में संशोधन जैसे प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त बहराइच जिले के आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भूमि व्यवस्था और अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) से विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वासन की व्यवस्था से जुड़े प्रस्तावों पर भी कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया जा सकता है।
