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गोरखपुर

यूजीसी इक्विटी बिल पर सुप्रीम कोर्ट की रोक का अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने किया स्वागत

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न्यायालय के फैसले को बताया लोकतंत्र और सामाजिक संतुलन की जीत

गोरखपुर। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यूजीसी (UGC) इक्विटी बिल पर रोक लगाए जाने के निर्णय का अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, उत्तर प्रदेश ने हर्ष के साथ स्वागत किया है। महासभा के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह एवं प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री अश्वनी कुमार सिंह ‘लालू’ ने इसे छात्रहित, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने कहा कि यूजीसी इक्विटी बिल अपने वर्तमान स्वरूप में कई आशंकाओं को जन्म दे रहा था। इसके दुरुपयोग की पूरी संभावना थी, जिससे शिक्षा व्यवस्था में असंतुलन और सामाजिक तनाव उत्पन्न हो सकता था। सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय दर्शाता है कि देश की न्यायपालिका संविधान की आत्मा और नागरिकों के अधिकारों की सजग प्रहरी है।

प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री अश्वनी कुमार सिंह ‘लालू’ ने कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी प्रकार का एकतरफा या अस्पष्ट कानून देश के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। न्यायालय द्वारा केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी करना यह स्पष्ट करता है कि बिना व्यापक विमर्श और सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखे कोई भी नीति लागू नहीं की जानी चाहिए।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को गंभीरता से लेते हुए यूजीसी इक्विटी बिल पर पुनर्विचार करेगी और सभी वर्गों के साथ संवाद स्थापित कर संतुलित व न्यायसंगत नीति बनाएगी। महासभा ने इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए न्यायपालिका के प्रति आभार भी प्रकट किया है।

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