वाराणसी
महामना मालवीय मिशन का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
वाराणसी। “महामना मालवीय मिशन” का स्थापना दिवस गुरुवार को मालवीय भवन, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर मिशन के उद्देश्यों, उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं पर विशेष रूप से चर्चा किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित जन को संबोधित करते हुए मालवीय मिशन काशी हिंदू विश्वविद्यालय इकाई के *कार्यकारी अध्यक्ष विजय नाथ पाण्डेय* ने कहा महामना मालवीय जी को आधुनिक शिक्षा में भारतीयता का जो अभाव दिखा था । उसकी पूर्ति के लिए ही उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। यह दुर्भाग्य की बात है, कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद यह अभाव और भी बढ़ गया। आज आवश्यकता इस बात की है ,कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय को उसके पुराने मौलिक स्वरूप पर लाया जाए । जिससे इसकी स्थापना के उद्देश्यों की पूर्ति हो सके।

इसी विचार मंथन के फल स्वरुप 9, अप्रैल सन 1978 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पुरातन छात्रों का नई दिल्ली में प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हुआ। जिसमें न केवल काशी हिंदू विश्वविद्यालय बल्कि पूरे देश के महामना के आदर्शों एवं उनके विचारों के प्रचार प्रसार तथा देश में राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक मूल्यों के पुनः स्थापना के लिए महामना मालवीय मिशन की स्थापना का निर्णय किया गया। वस्तुतः मालवीय मिशन काशी हिंदू विश्वविद्यालय की पूरक संस्था है। जहां एक ओर विश्वविद्यालय विद्या की विभिन्न विधाओं में विशेषज्ञ तैयार करने में लगा है, वहीं मालवीय मिशन महामना की ज्योति से पूरे देश को अलौकिक करने के पुनीत कार्य में संलग्न है।

महामना मालवीय मिशन द्वारा पण्डित मदनमोहन मालवीय जी के 23 वाङ्मय का प्रकाशन किया जा चुका है। शहर इकाई के अध्यक्ष श्री हर्ष सिंह ने कहा वनवासी क्षेत्र अनपरा में ६५ बच्चों के लिए छात्रावास चलाया जा रहा है। इसके अलावा मालवीय मिशन के 31 इकाइयों द्वारा विद्यालय ,सिलाई केंद्र की भी व्यवस्था की गई है।महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की जयंती 25 दिसंबर 2023 को ,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘पंडित मदन मोहन मालवीय जी की रचनाओं के संग्रह’ के 11 खंडों की पहली श्रृंखला का विमोचन किया ,और 12 खंडों का विमोचन 25 दिसम्बर 2025 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के द्वारा किया गया।

मिशन द्वारा त्रैमासिक पत्रिका ” मिशन संदेश ” महामना के विचारों, मूल्यों, उपदेशों एवं मिशन द्वारा किये जा रहे कार्यों को पूरे देश भर में प्रचार प्रसार के लिये नियमित रूप से निकलता है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे, आयुर्वेद संकाय के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर यामिनी भूषण त्रिपाठी ने महामना की मानवीय मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मालवीय भवन के मानित निदेशक प्रोफेसर पतंजलि मिश्र ने महामना के स्वास्थ्य संबंधी विचारों को सविस्तार उल्लेख किया। कार्यक्रम की शुरुआत महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं डॉ विजेंद्र नारायण द्विवेदी के मंगलाचरण से हुआ। संचालन डॉ. अनिल कुमार सिंह एवं धन्यबाद ज्ञापन डॉ. गिरीश चंद्र तिवारी एवं शरद त्रिपाठी ने दिया। 15 नए सदस्यों ने भी मालवीय मिशन की सदस्यता ग्रहण किया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से संगठन मंत्री प्रमील पाण्डेय, डॉ. विनोद जायसवाल,प्रोफेसर हीरालाल पाण्डेय, प्रोफेसर दीनानाथ सिंह, डॉक्टर कमलेश तिवारी, डॉ भूपेंद्र सिंह रिंटू, डॉ. ओम प्रकाश सिंह, डॉक्टर विजय शंकर मिश्रा, डॉक्टर ओपी तिवारी, डॉ सूर्य प्रताप सिंह आदि रहे।
