वाराणसी
मंत्री संजय निषाद ने अलका बिंद हत्याकांड में पीड़ित परिवार को दिलाया भरोसा
बोले—“दोषियों को फांसी दिलाकर ही चैन लूंगा”
वाराणसी। जिले के मिर्जामुराद क्षेत्र के मेहंदीगंज गांव में शुक्रवार को मृतक अलका बिंद (22) के घर पहुंचकर कैबिनेट मंत्री (मत्स्य व पशुपालन) संजय कुमार निषाद ने शोकाकुल मृतक छात्रा की माँ व पिता से लगभग पंद्रह मिनट तक बातचीत कर न्याय का भरोसा दिलाया और कहा, “प्रदेश सरकार अपराधियों को फांसी तक पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। अपराधी की कोई जाति नहीं होती है। अपराधी, अपराधी होता है। उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, यहां तक कि फांसी की भी सजा हो जानी चाहिए। इस जघन्य अपराध में जो भी शामिल हो, उन सभी पर कार्रवाई होनी चाहिए। अवैध रूप से संचालित जिस ढाबे पर घटना हुई है, उन पर भी कार्रवाई होना चाहिए। कम से कम समय में अपराधियों पर कार्रवाई कर एक नजीर बनाया जाएगा, ताकि कोई भी अपराधी किसी की भी बेटी पर इस तरह का जघन्य अपराध करने से पहले सौ बार सोचे।”

उक्त बातें मृतक बीएससी छात्रा के घर पहुंचकर सहानुभूति प्रकट करते हुए मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहीं। मंत्री ने तत्काल स्थानीय प्रशासन के माध्यम से “यथासंभव मुआवजा” दिलाने का निर्देश उप जिलाधिकारी, राजातालाब को दिया। साथ ही, उन्होंने अपने निजी कोष से “हर संभव आर्थिक सहयोग” देने की घोषणा की।
मंत्री के आसपास गांव की महिलाओं ने घेरा बनाकर एक सुर में मांग की—“जब तक फांसी नहीं होगी और ढाबा जमींदोज़ नहीं होगा, हमारी बेटियां सुरक्षित नहीं रहेंगी।” मंत्री ने भरोसा दिलाया कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाएगी।

मंत्री ने मौके पर मौजूद डीसीपी गोमती जोन को निर्देशित किया कि कोई भी अपराधी बचने न पाए। डीसीपी ने उन्हें मामले में अब तक की कार्रवाई की जानकारी दी और जांच को पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।
मंत्री के आने से पहले राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत और भदोही सांसद विनोद बिंद ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की और न्याय की लड़ाई में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

शुक्रवार शाम को ही राजातालाब तहसील में राहत राशि की प्रक्रिया शुरू की गई। मंत्री ने शनिवार को वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय जाकर प्रगति रिपोर्ट लेने की बात कही।पीड़ित माँ ने बस इतना कहा, “जब मेरी बेटी को इंसाफ़ मिलेगा, तभी घर में चूल्हा जलेगा।”
