Connect with us

गोरखपुर

प्राचीन मंदिरों के विकास की मांग तेज, क्षेत्रीय नेताओं ने उठाई आवाज

Published

on

Loading...
Loading...

गोरखपुर। जनपद के खजनी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा धुवहां स्थित आमी नदी के तट पर बसे प्राचीन धार्मिक स्थल के विकास को लेकर अब क्षेत्रीय स्तर पर आवाज तेज हो गई है। वर्षों से आस्था का केंद्र रहे इस स्थान पर बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है।

यहां स्थित पहलवान बाबा मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, बजरंगबली मंदिर तथा रामजानकी मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद मंदिर परिसर में मूलभूत सुविधाएं नदारद हैं, जिससे श्रद्धालुओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

प्रधान प्रतिनिधि रमेश सिंह ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में विद्युत व्यवस्था न होने के कारण शाम होते ही पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है, जिससे रात्रिकालीन धार्मिक कार्यक्रम जैसे यज्ञ, हवन, भजन-कीर्तन आदि बाधित होते हैं। साथ ही अंधेरे के कारण सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरा बना रहता है, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए।

ज्ञापन के माध्यम से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने प्रमुख रूप से मंदिर परिसर में शीघ्र विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने, एक बहुउद्देशीय भवन के निर्माण तथा पूरे परिसर के सौंदर्यीकरण की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इन बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाता है तो यह स्थान एक प्रमुख धार्मिक केंद्र के रूप में उभर सकता है।

इसी क्रम में रिक्षा नारा गांव के प्रधान एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्याम मोहन उपाध्याय ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि यह स्थल केवल धुवहां गांव ही नहीं, बल्कि पूरे खजनी क्षेत्र की आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। यहां दूर-दराज से श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में यहां सुविधाओं का अभाव होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

Advertisement

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन द्वारा इस स्थल का विकास कराया जाता है, तो धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। अंत में जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र सर्वे कराकर विकास कार्य प्रारंभ कराया जाए, ताकि यह पावन स्थल अपनी गरिमा के अनुरूप विकसित हो सके।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page