Connect with us

वाराणसी

पुलिस प्रशासन व यातायात पुलिस के साथ समलैंगिक, उभयलिंगी और ट्रांसजेण्डर समुदाय के अधिकारो हेतु की गयी पैरोकारी

Published

on

Loading...
Loading...

वाराणसी: पुलिस आयुक्त के निर्देश के क्रम में अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध के अध्यक्षता में समलैंगिक, उभयलिंगी और ट्रांसजेण्डर/हिजड़ा समुदाय के मुद्दो पर संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया । ट्रांसजेंडरों के साथ होने वाले भेदभाव पर रोक लगायी जाये एवं जबरन किसी ट्रांसजेंडर को बंधुआ मजदूर न बनाने , सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल करने से रोकने, घर से या गांव से निकालना, शारीरिक हिंसा, यौन हिंसा या यौन शोषण, मौखिक तौर पर, मानसिक तौर पर या आर्थिक तौर पर परेशान करना, अपशब्द कहना अपराध की श्रेणी में रखा गया है, कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य था । इस दौरान कमिश्नरेट वाराणसी के प्रत्येक थाने से 05 अधिकारी/कर्मी0गण द्वारा कार्यशाला मे प्रतिभाग किया गया ।

Loading...

अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध द्वारा बताया गया कि उभयलिंगी व्यक्ति ( अधिकारी को संरक्षण) अधि0 -2019 की धारा 18 के अन्तर्गत किसी उभयलिंगी व्यक्ति को सिवाय सरकार लोक परियोजनो के लिये अनिवार्य सेवा के बलपूर्वक या बंधुवा मजदूरी का कार्य करायेगा अथवा किसी उभयलिंगी व्यक्ति के किसी सार्वजनिक स्थान पर आवागमन आदि अवरूद्ध करेगा तो 06 माह से लेकर 02 वर्ष तक कारावास के दण्ड से दण्डित किया जायेगा तथा जुर्माने से भी दण्डित किया जायेगा । इसके साथ अ0पु0 उपा0 महिला अपराध उपस्थित सभी पुलिस अधिकारी/कर्मचारी को निर्देशित किया गया कि ट्रांसजेण्डर पर्सन की समस्याओ को प्राथमिक के आधार पर सुना जाये व त्वरित निस्तारण कराया जाये तथा थाना स्तर से किसी भी प्रकार का भेदभाव न किया जाये । इस दौरान हमसफर ट्रस्ट के पदाधिकारी, ट्रांसजेण्डर अध्यक्ष सलमा किन्नर, निलोफर व अन्य सदस्य, वन स्टाप सेन्टर के अधिकारी/कर्मचारीगण तथा ट्रांसजेण्डर सुरक्षा प्रकोष्ठ के अधिकारी/कर्मचारीगण मौजूद थे ।

                                                                                                    
                                                                                                                             

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page