गोरखपुर
नौ साल की ईमानदारी पर भारी पड़ी कंपनी की साजिश!
मैनेजर की कूटनीति से डिलीवरी बॉय का वेतन रोका, परिवार भुखमरी की कगार पर
एक ओर कंपनियाँ कर्मचारियों को अपनी सबसे बड़ी पूंजी बताती हैं, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। फ्लिपकार्ट जैसी नामचीन ई-कॉमर्स कंपनी में कार्यरत एक डिलीवरी कर्मचारी के साथ हुई कथित साजिश ने सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित कर्मचारी सतेन्द्र कुमार सिंह, जो बीते 9 वर्षों से फ्लिपकार्ट में डिलीवरी बॉय के रूप में कार्यरत हैं, ने बताया कि दिनांक 14 अक्टूबर 2025 को शाम लगभग 6:36 बजे एक OBD शिपमेंट की डिलीवरी के दौरान पैकेट में गलत प्रोडक्ट पाया गया। इसकी जानकारी उन्होंने तत्काल अपने हब मैनेजर विनीत पांडेय को दी और निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया।
आरोप है कि मैनेजर द्वारा जानबूझकर मामले की जांच में लापरवाही बरती गई और साक्ष्य एकत्र करने में देरी की गई, जिससे सच्चाई सामने न आ सके। इसके बाद करीब तीन महीने बाद बिना किसी नोटिस, बिना कर्मचारी का पक्ष सुने, कंपनी ने सीधे वेतन रोकने की कार्रवाई कर दी।
वेतन रुकने से कर्मचारी का पूरा परिवार आर्थिक संकट में फंस गया है। बच्चों की शिक्षा, घर का किराया और रोजमर्रा के भोजन तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। पीड़ित का कहना है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि कंपनी मैनेजमेंट और कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से रची गई साजिश है।
अब कर्मचारी ने श्रम विभाग और पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह मामला न केवल एक कर्मचारी की रोजी-रोटी का है, बल्कि कॉरपोरेट सिस्टम में मजदूरों के अधिकारों पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
