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गोरखपुर

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में NATS योजना लागू

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छात्रों-शोधार्थियों को बेहतर सेवा देने की पहल, प्रशिक्षुओं को मिलेगा 9 हजार मासिक स्टाइपेंड

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में केन्द्रीय ग्रंथालय एवं विभागीय पुस्तकालयों को अधिक सुव्यवस्थित, क्रियाशील एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) के अंतर्गत प्रति वर्ष 10 प्रशिक्षुओं के चयन का महत्वपूर्ण प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है।

यह पहल न केवल तकनीकी कर्मचारियों की कमी को दूर करेगी, बल्कि छात्रों एवं शोधार्थियों को बेहतर और त्वरित पुस्तकालय सेवाएँ उपलब्ध कराने में भी सहायक सिद्ध होगी।इस प्रस्ताव को कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में आयोजित वित्त समिति की बैठक में अनुमोदन प्रदान किया गया।

योजना के तहत चयनित प्रशिक्षुओं को एक वर्ष की अवधि के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक प्रशिक्षु को ₹9000 प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा, जिसमें 50 प्रतिशत (4500) का भुगतान बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग, कानपुर द्वारा तथा शेष 50 प्रतिशत (4500) का भुगतान विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा। इस प्रकार 10 प्रशिक्षुओं पर कुल 45,000 प्रतिमाह व्यय होगा, जिसे “सेल्फ फाइनेंस मद” से वहन किया जाएगा।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा, “पुस्तकालय किसी भी शैक्षणिक संस्थान की आत्मा होते हैं। NATS के अंतर्गत प्रशिक्षुओं की नियुक्ति से हमारी पुस्तकालय सेवाएँ अधिक दक्ष, आधुनिक और उपयोगकर्ता-केन्द्रित बनेंगी, जिसका सीधा लाभ हमारे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मिलेगा।”

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