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वाराणसी

दरोगा पर युवक से मारपीट और 25 हजार मांगने का आरोप

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पुराने क्रिकेट विवाद में पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

वाराणसी। बड़ागांव थाना क्षेत्र के कुड़ी गांव में मामूली विवाद के मामले में पहुंचे उप निरीक्षक पर दबंगई का आरोप लगा है। आरोप है कि दरोगा विवेक सिंह ने अदालत से जमानत कराने वाले युवक दिलशाद को बीच सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और गालियां दीं। पीड़ित पक्ष ने इस संबंध में पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, दरोगा ने अपना नाम बताते हुए कहा कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। आरोप है कि बिना पुलिस की अनुमति के अदालत में पेश होकर जमानत लेने से नाराज होकर उन्होंने युवक पर थप्पड़ों की बौछार कर दी। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन दरोगा ने किसी की नहीं सुनी।

बताया जाता है कि पुराने विवाद को लेकर दरोगा द्वारा 25 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। रुपये नहीं देने पर फर्जी तरीके से जेल भेजने की धमकी दी गई। युवक ने जब अदालत से जमानत करा ली तो गांव पहुंचकर उसके साथ मारपीट की गई।

घटना की पृष्ठभूमि में 11 दिसंबर 2025 को कुड़ी गांव में क्रिकेट खेलने को लेकर रियाजुद्दीन पुत्र सेराजुद्दीन उर्फ सेराज और उसके भाइयों का गांव के कुछ युवकों से विवाद हो गया था। इस मारपीट में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए थे। गांव के शहबाज पुत्र एखलाक ने रियाजुद्दीन, ताजुद्दीन, इरफान, नूरएन और अजमल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने एक पक्ष का मेडिकल कराया, जबकि दूसरे पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई नहीं की गई।

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आरोप है कि मारपीट में एखलाक के भाई सहित अन्य लोग भी घायल हुए थे, लेकिन थाना पुलिस ने उनका मुकदमा दर्ज नहीं किया और उल्टे उन्हें धमकाया गया। साथ ही 25 हजार रुपये की मांग किए जाने का भी आरोप है। इसके अतिरिक्त रियाजुद्दीन, ताजुद्दीन, इरफान, नूरएन और अजमल को शांति भंग की आशंका में पाबंद कर दिया गया।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि उप निरीक्षक विवेक सिंह ने रियाजुद्दीन को कई बार फोन कर बुलाया और चार्जशीट न लगाने के एवज में 25 हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर गिरफ्तारी की चेतावनी दी गई। पुलिस कार्रवाई के भय से रियाजुद्दीन ने 27 फरवरी को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। सुनवाई के बाद अदालत ने मामले को पेशबंदी मानते हुए आरोपितों को जमानत दे दी।

अदालत से जमानत आदेश लेकर जब पैरोकार थाने पहुंचा तो इसकी जानकारी दरोगा विवेक सिंह को हुई। बताया जाता है कि रविवार की शाम लगभग छह बजे रियाजउद्दीन को बुलाया गया और जमानत कराने को लेकर फटकार लगाई गई। इस दौरान रियाजउद्दीन के भाई दिलशाद से कहासुनी हो गई। आरोप है कि दरोगा ने नाराज होकर दिलशाद को बीच सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और कई थप्पड़ मारे। दिलशाद लगातार अपनी बेगुनाही की बात कहता रहा और अदालत द्वारा जमानत दिए जाने का हवाला देता रहा, लेकिन मारपीट जारी रही। गालियां देते हुए जेल भेजने की धमकी भी दी गई।

पीड़ित ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत पुलिस कमिश्नर से कर न्याय की गुहार लगाई है। वहीं, मामले में पूछे जाने पर थाना प्रभारी प्रवीण सिंह ने कहा कि मामला पुराना है, इसकी जांच कराई जाएगी।

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