गोरखपुर
थाने में पूछताछ शुरू होते ही बदली जुबान, समझौते की आड़ में आरोपी फरार
गोरखपुर। गगहा थाना क्षेत्र के देवकली गाँव में भूमि विवाद के मामले में पीड़ित पक्ष भक्त वत्सल पांडेय के पुत्र सतीश पांडेय और उनकी पत्नी आशा मिश्रा ने पुलिस के समक्ष अपने कानूनी स्वामित्व संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत कर स्पष्ट रूप से अपनी बात रखी।
मिली जानकारी के अनुसार, विवादित भूमि कृष्ण मुरारी पांडेय के पुत्र आकाश पांडेय और उनकी पत्नी गीता देवी द्वारा विक्रय विलेख के माध्यम से सतीश पांडेय व आशा मिश्रा को हस्तांतरित की गई है। आशा मिश्रा के नाम 58 डिसमिल भूमि विधिवत बैनामा की गई है। सतीश पांडेय के नाम 20 डिसमिल भूमि विधिवत बैनामा है।
इसी नंबर की भूमि में एक सह-खातेदार भी है, जिसने इन्हीं विक्रेताओं से हिस्सा खरीदा है। आरोप है कि यह सह-खातेदार खेती के दौरान निरंतर बाधा उत्पन्न कर रहा है।
विवाद तब बढ़ा जब विपक्षी पक्ष अमित कुमार पांडेय से उनकी खरीदी हुई जमीन की चौहद्दी स्पष्ट करने के लिए कहा गया, मगर उन्होंने बार-बार इसे टालने का प्रयास किया। उन पर यह भी आरोप है कि वह प्रशासन और गोरखनाथ मंदिर से संबंधों की दहलीज दिखाते हुए धमकियाँ देते रहे और विवाद को जानबूझकर बढ़ाने में लगे हैं।
परिजनों और परिचितों की पहल पर मामला गगहा थाना प्रभारी के पास पहुँचा। पूछताछ के दौरान अमित कुमार पांडेय ने स्वयं को ‘मंदिर का आदमी’ बताते हुए किसी भी प्रकार की धमकी देने से इंकार किया। लेकिन थाना प्रभारी द्वारा मंदिर से फोन कराने की बात पूछे जाने पर उन्होंने तत्काल अपना रुख बदलते हुए समझौते की बात शुरू कर दी। समझौते का मसौदा तैयार होने लगा ही था कि वह चुपचाप मौके से हट गए और फिर वापस नहीं लौटे।
सतीश पांडेय व आशा मिश्रा का कहना है कि उनकी जमीन पूरी तरह विधिक दस्तावेजों के आधार पर सुरक्षित है, जबकि विपक्षी अमित कुमार पांडेय सह-खातेदारी का अनुचित लाभ उठाकर और प्रभाव का धौंस दिखाकर विवाद खड़ा कर रहे हैं। पुलिस मामले की गहनता से जाँच कर रही है और विधिक दस्तावेजों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की तैयारी में है।
