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वाराणसी

डोमरी में शिवमहापुराण कथा के आयोजन में स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित

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वाराणसी के गंगा पार डोमरी में शिवमहापुराण कथा के आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है। आयोजन स्थल के आसपास कुल 500 टॉयलेट की व्यवस्था की गई है जिसमें 15 मोबाइल टॉयलेट शामिल हैं। हालांकि इतने टॉयलेट भी 3.5 लाख की भीड़ के लिए पर्याप्त साबित नहीं हो रहे।

अगर हर टॉयलेट औसतन पांच मिनट में इस्तेमाल होता है तो 24 घंटे में केवल 1.44 लाख लोग ही इसका उपयोग कर सकते हैं। इस वजह से करीब 2 लाख लोग खुले में शौच कर गंगा के किनारों और रेत को प्रदूषित कर रहे हैं।

आयोजन स्थल पर हर दिन काशी और आसपास के जिलों से करीब 2 लाख लोग आते हैं जो सुबह से देर रात तक यहां मौजूद रहते हैं। इसके अलावा करीब 1.5 लाख लोग यहीं पंडालों के आसपास रुकते हैं।

इस दौरान नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और आयोजकों द्वारा किए गए सफाई प्रबंध नाकाफी साबित हो रहे हैं। गंगा पार की गंदगी घाटों तक पहुंच गई है, जिससे पर्यटक और नाविक भी परेशान हैं। यहां तक कि घाट किनारे के होटल और रेस्टोरेंट वाले भी गंगा की ओर खिड़कियां बंद रखने को मजबूर हैं।

गंगा का जल और रेत दोनों दूषित हो रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की कोशिश में जुटे हैं। सफाई के लिए तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

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कूड़ा उठाने के लिए गाड़ियां और मोबाइल शौचालय भी लगाए गए हैं। ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है और लोगों को खुले में शौच न करने की अपील की जा रही है। इसके बावजूद गंदगी की समस्या बनी हुई है जिससे डोमरी के स्थानीय लोग भी परेशान हैं।

आयोजकों का दावा है कि सफाई व्यवस्था लगातार सुधारने की कोशिश की जा रही है। हालांकि बढ़ती गंदगी महाकुंभ से पहले काशी के गंगा पार इलाके के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।

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