Connect with us

वाराणसी

टेंट सिटी में अवस्थापना सुविधाओं का विकास कार्य लगभग पूर्ण

Published

on

Loading...
Loading...

टेंटेड अकोमोडेशन के कलस्टर बनाने का कार्य तेज गति से हो रहा हैं

टेंट सिटी के सीवेज निस्तारण हेतु जलकल विभाग द्वारा वर्तमान समय की आधुनिकतम तकनीकी का प्रयोग करते हुये सम्प का निर्माण किया गया है

सम्प में सेंसर आधारित स्वचालित पम्प स्थापित है, जो निश्चित सीमा तक भरने के पश्चात स्वतः ही क्रियाशील होकर सम्पूर्ण एकत्र सीवेज को सोधन एवं निस्तारण हेतु एसटीपी में स्थानांतरित कर देगा

टेंट सिटी का क्षेत्रफल 10 हेक्टेयर, प्रति कलस्टर स्थापित किए जाने वाले टेंट की संख्या 200 टेंट के 03 क्लस्टर

स्थापित किए जाने वाले टेंट के प्रकार विला 900 वर्गफीट 10%, सुपर डीलक्स 480-580 वर्गफीट 50%, डीलक्स 250-400 वर्गफीट 40%

Advertisement

टेंट सिटी के 01 क्लस्टर में 200 व्यक्तियों के ठहरने की सुविधा हेतु स्वीस/कॉटेजेस (टेंटेज एकोमोडेशन), रिसेप्शन एरिया, गेमिंग जोन, रेस्टूरेंट, डायनिंग एरिया, कान्फ्रेंस स्थल, स्पॉ एवं योगा केन्द्र, लॉइब्रेरी एवं आर्ट गैलरी के अतिरिक्त

वॉटर स्पोर्टस, कैमल/हार्स राइडिंग इत्यादि तथा अन्य सांस्कृतिक एवं स्पोर्टस एक्टीविटी नियोजित होगी

   रिपोर्ट -- प्रदीप कुमार
वाराणसी। वाराणसी नगर में विदेशी/स्थानीय पर्यटकों हेतु वर्तमान में ठहरने की कमी के दृष्टिगत वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा गंगा नदी के किनारे (रामनगर की ओर) टेंट सिटी की परिकल्पना की गयी है। पूर्व में उक्त क्षेत्र में कछुऑ सेंचुरी अधिसूचित होने के कारण किस प्रकार कार्य प्रतिबन्धित था,कछुऑ सेंचुरी के डि-नोटिफिकेशन के उपरान्त टेन्ट सिटी विकसित किये जाने की परिकल्पना वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा किया गया। 
 अस्सी घाट के दूसरी ओर स्थित क्षेत्र में टेंट सिटी संचालित किये जाने हेतु वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा निविदा आमंत्रित की गयी थी, जिसमें मे. प्रवेग कम्यूनिकेशंस (इंडिया) लि., अहमदाबाद, गुजरात को अधिकतम 400 टेंट के 02 क्लस्टर स्थापित करने तथा मे. लल्लूजी एंड संस, अहमदाबाद गुजरात को 200 टेंट का 01 क्लस्टर स्थापित करने हेतु स्वीकृति प्रदान की गयी है। टेंट सिटी की स्थापना हेतु प्राधिकरण टीम एवं अन्य संबन्धित विभागों के उच्चाधिकारियों द्वारा परियोजना का पर्वेक्षण किया जा रहा है, जिसमें टेंट सिटी स्थापित करने हेतु आवश्यक मूलभूत अवस्थापना एवं अन्य सुविधायें यथा टेंट सिटी हेतु जलापूर्ति की व्यवस्था, सीवेज निस्तारण की व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था, पहुँच मार्ग का विकास इत्यादि सुविधायें विकसित किये जाने हेतु स्थलीय आवश्यकता के अनुसार विभागों से प्राक्कलन प्राप्त करते हुये धनराशि संबन्धित विभागों को हस्तांतरित कर दी गयी थी, जिसमे संबन्धित विभागों द्वारा अवस्थापना सुविधाओं का विकास कार्य लगभग पूर्ण कर दिया गया है। साथ ही साथ चयनित फर्मों द्वारा टेंटेड अकोमोडेशन के कलस्टर बनाने का कार्य दुत गति से किया जा रहा है। परियोजना मे टेंट स्थापित कर रही दोनों कार्यकारी संस्थाओं को साफ सफाई एवं सैनिटेशन सुनिश्चित करने हेतु उच्चधिकारियों द्वारा निर्देश समय-समय पर दिये गए है एवं जिसके अनुपालन का सतत पर्यवेक्षण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त टेंट सिटी स्थापित एवं क्रियाशील होने के पश्चात सीवेज निस्तारण हेतु जलकल विभाग द्वारा वर्तमान समय की आधुनिकतम तकनीकी का प्रयोग करते हुये सम्प का निर्माण किया गया है, जिसमे सम्पूर्ण टेंट सिटी से निकल रहे सीवेज को आंतरिक पाइपलाइनों के माध्यम से एकत्र किया जायेगा, यह सम्प रामनगर में पूर्व स्थापित एवं क्रियाशील एसटीपी से पाईप लाइन से जुड़ा हुआ है तथा इस सम्प में सेंसर आधारित स्वचालित पम्प स्थापित किया गया है जो इसके निश्चित सीमा तक भरने के पश्चात स्वतः ही क्रियाशील होकर सम्पूर्ण एकत्र सीवेज को सोधन एवं निस्तारण हेतु एसटीपी में स्थानांतरित कर देगा।   
 टेन्ट सिटी परियोजना में वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा अवस्थापना सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु लगभग 6.0 करोड़ रूपये की धनराशि व्यय किया गया है। उक्त के अतिरिक्त विकासकर्ता मेसर्स प्रवेग कम्यूनिकेशन लि0 द्वारा लगभग 25.0 करोड़ रूपये तथा मेसर्स लल्लू जी एण्ड सन्स द्वारा लगभग 15.0 करोड़ रूपये व्यय करते हुए टेन्ट सिटी विकसित किया जा रहा हैं।
  परियोजना स्थल गंगा नदी के किनारे अस्सी घाट के समक्ष (रामनगर की ओर) परियोजना क्षेत्रफल 10 हेक्टेयर प्रति कलस्टर स्थापित किए जाने वाले टेंट की संख्या 200 टेंट के 03 क्लस्टर 

स्थापित किए जाने वाले टेंट के प्रकार 1. विला 900 वर्गफीट 10% 2. सुपर डीलक्स 480-580 वर्गफीट 50% 3. डीलक्स 250-400 वर्गफीट 40% टेंट सिटी के 01 क्लस्टर में 200 व्यक्तियों के ठहरने की सुविधा हेतु स्वीस / कॉटेजेस (टेंटेज एकोमोडेशन), रिसेप्शन एरिया, गेमिंग जोन, रेस्टूरेंट, डायनिंग एरिया, कान्फ्रेंस स्थल, स्पॉ एवं योगा केन्द्र, लॉइब्रेरी एवं आर्ट गैलरी के अतिरिक्त वॉटर स्पोर्टस, कैमल/हार्स राइडिंग इत्यादि तथा अन्य सांस्कृतिक एवं स्पोर्टस एक्टीविटी नियोजित की जायेंगी।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page