वाराणसी
जुआ व्यापारियों से 41 लाख रूपये हड़पने के मामले में सारनाथ थानाध्यक्ष निलंबित
वाराणसी में सारनाथ थाना क्षेत्र के इंस्पेक्टर परम हंस गुप्ता को एक विवादास्पद मामले में निलंबित कर दिया गया। रविवार की रात पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने यह कदम उठाया क्योंकि आरोप है कि एक अपार्टमेंट में व्यापारियों से 41 लाख रुपये की रकम जबरन ली गई थी।
इस मामले में इंस्पेक्टर की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है और एडीसीपी वरुणा जोन सरवणन टी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।यह घटना तब सुर्खियों में आई जब इसका 12 मिनट का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। फुटेज में एक इंस्पेक्टर और उसके साथी को लिफ्ट से दो बैग लेकर निकलते देखा गया।
बताया गया कि साथी ने खुद को मुख्यमंत्री के ओएसडी के रूप में परिचय दिया और व्यापारियों को कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर उनसे पैसे जबरन ले लिए। इस मामले की शिकायत किसी व्यापारी ने पुलिस से नहीं की थी लेकिन मामले के चर्चा में आने पर पुलिस आयुक्त ने त्वरित संज्ञान लिया।
वहीं इंस्पेक्टर परम हंस गुप्ता पर इससे पहले भी क्षेत्र में चेन छीनने और चोरी की घटनाओं पर लगाम न लगा पाने के आरोप लगे थे और उनकी कार्यशैली पहले भी विवादों में रही है। पिछले दो वर्षों में वाराणसी कमिश्नरेट के पुलिस कर्मियों पर कई गंभीर आरोप लगे हैं।
मई 2023 में भेलूपुर थाने के पुलिस कर्मियों पर 1.40 करोड़ रुपये की लूट का आरोप लगा था, और इसके बाद जुलाई 2024 में एक अन्य चौकी इंचार्ज को डकैती के मामले में गिरफ्तार किया गया। इस साल अब तक कमिश्नरेट के 56 पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके हैं जिसमें छह जेल भेजे गए और पांच को सेवा से बर्खास्त किया गया।
