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वाराणसी

जिला जेल में भ्रष्टाचार मानवाधिकार का उल्लंघन – शैलेंद्र पांडे

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वाराणसी (जयदेश)। हरिश्चंद्र महाविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष और भाजयुमो के सदस्य रहे शैलेंद्र पाण्डेय ने जिला जेल में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और मानवाधिकार के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। पाण्डेय ने शुक्रवार को पराड़कर स्मृति भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि जेल में खुलेआम नशे का कारोबार हो रहा है मोबाइल का उपयोग किया जा रहा है और बैठकों के नाम पर पैसे की वसूली की जा रही है।

इसके अलावा उन्होंने जेल के अंदर पीसीओ, एमएसके विभाग और कैंटीन में अवैध कारोबार का भी उल्लेख किया। पाण्डेय ने 23 नवंबर को जिलाधिकारी को एक पत्र भेजा था, जिसमें उन्होंने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस पत्र को जिलाधिकारी ने जांच के लिए जेल अधीक्षक उमेश सिंह को भेजा, जो स्वयं आरोपों में शामिल हैं।

पाण्डेय ने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति पर आरोप लगे हैं वही कैसे निष्पक्ष जांच कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि जेल के अधीक्षक उमेश सिंह पर आरोप हैं कि वह हर महीने 2.5 लाख रुपये एक बंदी से वसूलते हैं और कई बंदियों को अवैध तरीके से स्थानांतरित किया गया है।

इसके अलावा पाण्डेय ने जेल अस्पताल, पीसीओ और एमएसके विभाग में हो रही वसूली की भी शिकायत की लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पाण्डेय ने यह भी आरोप लगाया कि जेल के राइटर्स बंदियों से पैसे वसूलते हैं और जेल की कैंटीन में अवैध वस्तुएं बेची जाती हैं, लेकिन इस पर भी कोई कार्यवाही नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि जेल में भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियां लगातार जारी हैं, और जब दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच नहीं हो सकती, तो भ्रष्टाचार पर नियंत्रण कैसे संभव होगा। इसके अतिरिक्त, पाण्डेय ने जेल में महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और अधिकारियों द्वारा की गई कई अन्य शिकायतों का जिक्र किया जो महीनों से जांच के अधीन हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जेल में भ्रष्टाचार के कारण करोड़ों रुपये की वसूली की गई है लेकिन इसका सही हिसाब नहीं दिया गया।

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