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गोरखपुर

जंगल में क्षत-विक्षत हालत में मिला किशोरी का शव

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गोरखपुर। महाराजगंज के सोहगीबरवा वन क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां 14 वर्षीय किशोरी गुड़िया की जंगल में मौत हो गई। किशोरी का शव करीब 17 घंटे बाद जंगल से क्षत-विक्षत अवस्था में बरामद हुआ, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

खेत में काम करने गई थी किशोरी
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे गुड़िया अपनी बड़ी बहन अंगीरा (20) के साथ घर से लगभग 300 मीटर दूर खेत में गन्ना काटने गई थी। इसी दौरान बड़ी बहन लकड़ी लेने के लिए कुछ दूर चली गई। जब वह वापस लौटी तो गुड़िया खेत में नहीं मिली।

परिजनों ने रात भर की तलाश
गुड़िया के नहीं मिलने पर परिजन और ग्रामीण लाठी-डंडे व टॉर्च लेकर रात करीब 2 बजे तक उसकी तलाश करते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजन घर लौट आए।

सुबह जंगल में मिले खून के निशान
शनिवार सुबह फिर से खोजबीन शुरू की गई। जंगल में खून के धब्बे, चप्पल और कपड़े मिलने के बाद आगे बढ़ने पर झाड़ियों और खेत के बीच किशोरी का शव तीन टुकड़ों में पड़ा मिला। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

परिजनों का आरोप: बाघ का हमला
परिजनों का कहना है कि यह इलाका टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत आता है और यहां पहले भी जंगली जानवरों की गतिविधियां देखी गई हैं। उनका आरोप है कि गुड़िया पर बाघ ने हमला किया।

वन विभाग की सफाई

सोहगीबरवा वन क्षेत्र के रेंजर सुनील राव ने बताया कि किशोरी का शव बरामद हुआ है, लेकिन अभी तक किसी जंगली जानवर के पंजों के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। बाघ या तेंदुए के हमले की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल इलाके में ट्रैकिंग की जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल की ओर न जाएं और सतर्क रहें।

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मृतक किशोरी गुड़िया छह भाई-बहनों में पांचवें नंबर पर थी। वह गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा 6 की छात्रा थी। पिता खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। यह घटना एक बार फिर वन क्षेत्र से सटे गांवों में सुरक्षा व्यवस्था और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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