वाराणसी
छात्राओं ने जिलाधिकारी के साथ की हक की बात
वाराणसी। जनपद में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार में मिशन शक्ति फेज 5 के अंतर्गत “हक की बात जिलाधिकारी के साथ” नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं और छात्राओं ने अपनी समस्याएं और सुझाव प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में जिलाधिकारी एस. राजलिंगम सहित विभिन्न डिग्री कॉलेजों की छात्राएं, वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारी, और महिला अधिकारी उपस्थित रहीं।
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल पर महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। मिशन शक्ति के तहत महिलाओं में स्वावलंबन, सुरक्षा और सम्मान का भाव जागृत करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं का आर्थिक क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है ताकि वे समाज में अपनी प्रभावी भागीदारी दे सकें।
लैंगिक समानता की दिशा में बढ़ते कदम
मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने कहा कि पितृसत्तात्मक समाज से अब लैंगिक समानता की ओर बदलाव हो रहा है। सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कानून बना रही है और विभिन्न योजनाएं लागू कर रही है। महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम और लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।

हेल्पलाइन नंबर और सुरक्षा उपाय
महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जैसे 181 (महिला हेल्पलाइन), 112 (पुलिस सहायता), 1090 (वूमेन पावर लाइन), 1076 (सीएम हेल्पलाइन), और 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) संचालित किए हैं।
कार्यक्रम में आईपीएस अधिकारी नताशा गोयल ने महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया और अपने विचार साझा किए।
महिलाओं द्वारा प्रस्तुत सुझाव
प्रमुख सुझावों में यूपी कॉलेज की छात्रा भूमि सिंह ने 112 पेट्रोलिंग वाहनों में महिला कांस्टेबल की नियुक्ति का सुझाव दिया। वहीं, सनबीम वरुणा कॉलेज की छात्रा आकाशी ने ट्रेन के टॉयलेट के पास सेनेटरी नैपकिन मशीन लगाने की आवश्यकता जताई। इसके अलावा, महिलाओं के लिए अलग से पब्लिक ट्रांसपोर्ट चलाने का भी सुझाव दिया गया।
