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गोरखपुर

गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी को मिला अनूठा उपहार

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उत्तराखंड के काष्ठ कारीगरों ने 15 दिन में तैयार किया विशेष सिंहासन

गोरखपुर। उत्तराखंड सरकार के राज्यमंत्री कर्नल अजय कोठियाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक अनूठा और भावनात्मक उपहार भेंट किया है। मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में उन्होंने गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में योगी आदित्यनाथ को आस्था का सिंहासन सौंपा। केदारनाथ पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट में बची पवित्र देवदार की लकड़ी से निर्मित यह सिंहासन आस्था, परंपरा और काष्ठकला का जीवंत प्रतीक बताया जा रहा है।

कर्नल अजय कोठियाल के अनुसार केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण के दौरान प्रयुक्त देवदार की कुछ लकड़ी शेष रह गई थी। इसी से उनके मन में यह विचार आया कि इस पवित्र लकड़ी का उपयोग किसी धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व से जुड़ी वस्तु के निर्माण में किया जाए। इसी भाव के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए इस विशेष सिंहासन के निर्माण का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि कुर्सी का डिजाइन उत्तराखंड के मशहूर आर्किटेक्ट कृष्ण कुडियाल ने तैयार किया है।

बताया गया कि उत्तराखंड के मंदिरों के वास्तुशिल्प और काष्ठ परंपरा का गहन अध्ययन कर इसका स्वरूप रचा गया। चकराता के पास कोटा गांव के पारंपरिक काष्ठ कारीगरों ने लगभग 15 दिनों की मेहनत से इस कुर्सी को आकार दिया। इसके दोनों हत्थों पर उकेरी गई सिंह आकृति शक्ति और संरक्षण का प्रतीक मानी जा रही है, जबकि पीछे की ओर उभरी नक्काशी उत्तराखंड के प्राचीन मंदिरों की कला परंपरा की झलक देती है।

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इस सिंहासन में विशेष रूप से महासू मंदिर की काष्ठकला को समाहित किया गया है। इसकी गद्दी भगवा रंग की है, जो योगी के प्रिय रंग के साथ-साथ सनातन परंपरा का भी प्रतीक है। देवदार की लकड़ी से निकलने वाली प्राकृतिक सुगंध पूरे कक्ष को सौम्यता और पवित्रता से भर देती है।

यह भेंट न केवल शिल्प और सौंदर्य का उदाहरण बताई जा रही है, बल्कि उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और केदारनाथ पुनर्निर्माण की स्मृतियों को भी संजोए हुए है। कर्नल कुडियाल के मुताबिक मुख्यमंत्री को यह सिंहासन काफी पसंद आया। उन्होंने इसे ध्यान से देखा और इसके शिल्प की सराहना की।

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