Connect with us

वाराणसी

गंगा तट पर पूजे गए संकटमोचक

Published

on

Loading...
Loading...

नमामि गंगे ने हनुमान जन्मोत्सव पर हनुमान घाट पर चलाया सफाई अभियान “

” हनुमान घाट पर हनुमान चालीसा का पाठ कर की गई सुख-समृद्धि की कामना “

Loading...

वाराणसी: नमामि गंगे ने हनुमान घाट स्थित बड़े हनुमान मंदिर और हनुमान घाट पर प्रभु श्रीराम के अन्नय भक्त, वीरता व त्याग के पर्याय संकटमोचन महाबली हनुमान का जन्‍मोत्‍सव धूमधाम से मनाया । हनुमान घाट पर सुन्दर काण्ड के पाठ से चहुंओर भक्तिमय माहौल रहा । नमामि गंगे के सदस्यों ने राजेश शुक्ला के संयोजन में सुख समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण की कामना से हनुमान जी की आरती उतारी। उन्हें लड्डू, तुलसी की पत्ती, माला-फूल, सिंदूर अर्पित करके समस्त कष्ट हरने की कामना की गई । महाबली हनुमान के जन्‍मोत्‍सव के अवसर पर जय हनुमान ज्ञान गुणसागर, जय कपिश तिहुं लोक उजागर .. श्री हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ करके आरोग्य भारत और गंगा निर्मलीकरण की कामना भी की गई। हनुमान घाट पर गंगा की सफाई की गई । पर्यावरण संरक्षण का संदेश देकर गंदगी फैलाने के लिए लोगों से मना किया गया । नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि श्री हनुमान प्रकृति और जीवन के प्राणतत्व हैं। भगवान राम के जन्म के छह दिन बाद जन्मे थे भक्त हनुमान । तुलसीदास जी हनुमान चालीसा में लिखते हैं- ‘भीम रूप धरि असुर संहारे. रामचंद्रजी के काज संवारे’. इसका अर्थ है कि, राम जी सबके बिगड़े काम बनाते हैं, लेकिन उनके काम हनुमानजी बनाते हैं। यही कारण है कि प्रभु राम की सहायता करने के लिए हनुमान जी का जन्म रुद्र के 11वें अवतार के रूप हुआ। आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला, नगीना पांडेय, स्वास्ती
मिश्रा, वंशिका द्विवेदी, अंजलि, साक्षी, दिशा, आकांक्षा, नंदिनी आदि मौजूद रहे ।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page