वाराणसी
गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से नाव परिचालन पर रोक, तीन दिन में तीसरी बार बदला गंगा आरती स्थल
वाराणसी।काशी में गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने लगी है जिसके चलते गुरुवार से जिला प्रशासन ने गंगा में नावों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। साथ ही विश्व प्रसिद्ध नियमित गंगा आरती का स्थान भी बदल दिया गया है। आलम ये है कि दो मीटर तक ऊपर चढ़ चुका है गंगा का जलस्तर। घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह से डूब गई हैं।
3.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
गंगा का जल स्तर 3.5 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ने लगा है। गुरुवार को 78 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को गंगा का जलस्तर 64.58 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि, बुधवार को यह 63.8 मीटर पर था। इस तरह से आज बनारस में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से साढ़े मीटर और चेतावनी बिंदु से केवल साढ़े 5 मीटर नीचे है।
महाश्मशान मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह में दिक्कत
बता दें कि बीते 11 दिनों में गंगा के जलस्तर में पौने तीन मीटर तक की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। ऐसे में सबसे ज्यादा दिक्कत में शव यात्री हैं। चाहे महाश्मशान मणिकर्णिका घाट हो या हरिशचंद्र घाट दोनों ही जगह शवदाह स्थल भी बदले जा रहे। दशाश्वमेध घाट की आरती की जगह को दोबारा बदल दिया गया है। गंगा सेवा निधि के मीडिया प्रभारी शिवम ने पत्रिका को बताया कि पिछले तीन दिन में तीसरी बार आरती का स्थान बदला गया है। बताया कि पिछले एक दशक में ये पहला मौका है जब इतनी जल्दी-जल्दी आरती स्थल बदलना पड़ रहा है। उधर सिंधिया घाट स्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर पूरी तरह से जलमग्न हो गया है।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि
-मंगलवार को 63.54 मीटर
-सोमवार को 62.56 मीटर
-रविवार को 62.36 मीटर
-शनिवार को 61.76 मीटर
