वाराणसी
एसआईआर के बाद नई निर्वाचक नामावली जारी, राजनीतिक दलों को सौंपी गई सूची
एएसडी और नो मैपिंग जांच के बाद सूची में बड़ा बदलाव
वाराणसी। जनपद में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया। जिलाधिकारी ने नई निर्वाचक नामावली राजनीतिक दलों को सौंप दी है, जिससे वे आगामी चुनावों के मद्देनजर अपने मतदाताओं का मिलान और रणनीति तय कर सकें।
जारी अंतिम सूची के अनुसार जिले में अब कुल 27 लाख 30 हजार 603 मतदाता दर्ज हैं। इससे पहले 27 अक्टूबर को मतदाताओं की संख्या 31 लाख 53 हजार 705 थी, जिसमें पुरुष 16 लाख 99 हजार 615, महिला 14 लाख 53 हजार 939 और थर्ड जेंडर 151 शामिल थे। इसके बाद छह जनवरी 2025 को प्रकाशित प्रारंभिक सूची में यह संख्या घटकर 25 लाख 80 हजार 502 रह गई थी।
पुनरीक्षण के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत (एएसडी) श्रेणी के लगभग पांच लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। साथ ही नो मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के मामलों में जांच के बाद करीब डेढ़ लाख मतदाताओं की समीक्षा की गई, जिसमें से 44 हजार 138 नाम सूची से बाहर किए गए। वहीं इस अवधि में एक लाख 94 हजार नए मतदाताओं को भी जोड़ा गया। इस प्रकार कुल मिलाकर पूर्व की तुलना में लगभग तीन लाख मतदाताओं की संख्या कम हुई है।
मतदाता सूची के अद्यतन के दौरान जनपद में चिन्हित 118 केंद्रों पर 316 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा दावे और आपत्तियों की सुनवाई की गई, जिनका निस्तारण 27 मार्च 2026 तक पूरा कर लिया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। सभी राजनीतिक दलों को अद्यतन सूची उपलब्ध कराई गई है ताकि वे अपने स्तर पर सत्यापन कर सकें। नागरिकों को भी अपने विवरण में सुधार का अवसर दिया गया, जिससे कोई भी पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रह जाए।
नई सूची में बड़ी संख्या में नए मतदाताओं के जुड़ने को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जो युवाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। राजनीतिक दलों ने भी इस अद्यतन का स्वागत करते हुए इसे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के लिए आवश्यक कदम बताया है। अब सूची मिलने के बाद विभिन्न दल मतदाताओं के मिलान और नई चुनावी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
